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शिक्षा का गिरता स्तर चिंताजनक, अध्यापक निभायें जिम्मेदारी: रावत

उत्तराखंड में शिक्षा के गिरते स्तर को चिंताजनक बताते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आज कहा कि अध्यापक एक बौद्घिक वर्ग है और उसे राज्य के विकास में अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
     
यहां जारी सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, राजकीय प्रधानाचार्य एसोसिएशन उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित शैक्षिक उन्नयन विचार गोष्ठी में अपने विचार व्यक्त करते हुए रावत ने शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारे जाने पर बल देते हुए कहा कि आज अव्वल रहने का जमाना है और शिक्षा में इतना बदलाव आ गया है कि प्रथम श्रेणी तो दूर विशिष्टिता (डिस्टिंकनशन) का भी महत्व नहीं रह गया है।
     
इस संबंध में उन्होंने कहा कि छात्रों के चहुंमुखी विकास पर शिक्षकों को ध्यान देना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के ढांचे में उत्तराखण्ड अग्रणी राज्य है लेकिन शिक्षा का गिरता स्तर चिंता का विषय है। प्राकृतिक संसाधनों के साथ ही मानवीय संसाधनों को भी सक्षम व दक्ष बनाना होगा और प्रतिस्पर्धी उत्कष्टता (कम्पीटीटिव एक्सीलेंस) लाने के लिए राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए मंथन किए जाने की आवश्यकता है।
     
रावत ने कहा कि सरकार कर्मचारियों और शिक्षकों की मांगों को पूरा करने के लिए तत्पर है परंतु उन लोगों को क्या जवाब दिया जाए जिनके गांवों में शिक्षक और डॉक्टर नहीं हैं। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों से पर्वतीय क्षेत्रों में पूरी क्षमता से कार्य करने का आहवान किया और कहा कि सरकार वहां सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवायेगी। उन्होंने रिक्त पदों पर पदोन्नति के लिए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए।

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