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मरीजों को कागजों के बोझ से मिलेगी मुक्ति

सिविल अस्पताल में भर्ती मरीजों का रिकार्ड अब एक क्लिक पर उपलब्ध हो सकेगा। खना अब आसान होगा। अस्पताल में मैनेजमेंट सिस्टम के तहत भर्ती मरीजों को कम्यूटरीकृत पंजीकरण की सुविधा शुरु की जाएगी। इससे एक ओर मरीजों को कागजों के बोझ से मुक्ति मिलेगी वहीं बाद में इलाज के समय पर्ची न होने पर भी इलाज में दिक्कत नहीं आएगी। अस्पताल में एक क्लिक पर मरीजों से जुड़ी सभी जानकारियां उपलब्ध हो सकेंगी।  

पहले फेज में सिविल अस्पताल में ओपीडी पंजीकरण के लिए इसकी शुरुआत हुई थी। दूसरे फेज में भर्ती मरीजों को सुविधा मिलेगी। इस सिस्टम के तहत अस्पताल के विभागों को जोड़ा जाएगा। जिससे मरीजों को विभिन्न विभागों में ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सिविल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ असरुद्दीन ने बताया कि ट्रायल आधार पर यह सुविधा शुरु कर दी गई है। इमरजेंसी विभाग में 24 घंटे की सुविधा के लिए काउंटर बनाया गया है। फिलहाल स्टाफ एक माह तक मैनुअल भी रिकॉर्ड रखेगा।     

डिस्पेंसरी और लैब में होगी शुरुआत
योजना के तीसरे चरण में डिस्पेंसरी और लैब में भी कम्यूटरीकृत पर्ची मिलने से मरीजों को आसानी होगी। डिस्पेंसरी में यह सुविधा शुरु होने से मरीजों को दवा की पर्ची भी मिलेगी। इससे दवा के स्टॉक पर भी नजर रखना आसान होगा और सिस्टम के तहत स्टॉक में कम हो रही दवाओं की सूचना मिल जाएगी। दवा उपलब्ध होने से मरीजों को बाहर से दवा के खर्च नहीं करना पड़ेगा। सिविल अस्पताल में मरीजों को निशुल्क दवा उपलब्ध होती है। लैब में इस व्यवस्था से मरीजों को कम्यूटराइज्ड रिपोर्ट मिलेगी।

200 बेड का है सिविल अस्पताल
300 से ज्यादा मरीज इमरजेंसी में पहुंचते हैं रोजाना
2200 से ज्यादा मरीजों की ओपीडी होती है सिविल अस्पताल में

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