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आदिवासी-एससी मेरे सगे भाई: मांझी

बिहार के मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने कहा है कि वैसे तो बिहार और हिन्दुस्तान में रहने वाले सभी लोग भाई हैं, मगर आदिवासी और एससी लोग मेरे सगे भाई हैं। इससे यदि किसी के पेट में दर्द हो रहा है तो अपनी अंतड़ी निकलवा ले। जो जलते हैं, उनको और जलाइए।

यह बात मांझी ने मंगलवार को यहां वेटनरी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित विकास मित्रों की क्षमतावर्धन कार्यशाला में कही। कार्यशाला का आयोजन बिहार महादलित विकास मिशन द्वारा किया गया था। मांझी ने कहा कि वह इस मुद्दे पर बोले तो काफी बवाल मचा। गोली से नहीं मगर बोली से तो हम इसका जवाब दे सकते हैं।

वसुधैव कुटुम्बकम की तर्ज पर हम सभी यहीं के रहने वाले हैं। दुश्मन नहीं भाई हैं। हम सभी एक हैं पर सगा भाई का अपना स्थान होता है। इस लिहाज से कहें तो आप (आदिवासी, एससी) हमारे सगे भाई हैं। जिस दिन गांधी मैदान में 4 लाख लोग जुट जाएंगे, समूचा बिहार आपका होगा। संघे शक्ति कलियुगे।

राजनीति पर ऐसी पकड़ बनाइए कि एससी, एसटी के इशारे पर पूरा बिहार चले। जिस दिन 37 फीसदी अति पिछड़ और 22 फीसदी एससी-एसटी एकजुट हो जाएंगे तो 57 फीसदी के दम पर बिहार में शासन आपका होगा। फिर ‘वे’ और कुलबुलाएंगे। कहा कि मूल निवासी हम, राज के हक हमरा तो राज दूसरे कैसे करेंगे।

चाहे 10 की जगह 20 फीसदी कमा लो
मुख्यमंत्री ने उदाहरण के हवाले कहा कि विकास मित्र को यदि कोई काम (टेंडर) मिले तो वह कमीशन पर उसे किसी और को न दे, खुद करे। चाहे 10 की जगह 20 फीसदी कमा लो, चिंता की बात नहीं।

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