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सुरक्षा गार्ड भी बन रहें हैं अब लूटेरे

आप अगर सुरक्षा गार्ड के भरोसे शो-रूम, कॉलोनी और आसपास के एटीएम की सुरक्षा को लेकर आश्वस्त हैं तो सचेत हो जाइये। दरअसल, सरिता विहार थाना पुलिस ने एक ऐसे ही गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है जो गार्ड बनकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस अधिकारी के अनुसार गिरोह के सदस्य अलग-अलग जगह पर पहले गार्ड के तौर पर नौकरी करते थे और फिर संबंधित शोरूम या कॉलोनी में कुछ दिन की रेकी करने के बाद अपने अन्य साथियों को वहां चोरी करने के तरीके और उचित समय के बारे में जानकारी देते थे। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 26 वर्षीय प्रवीण, 19 वर्षीय हरीश सिंह और 19 वर्षीय योगेश के रूप में की गई है। सरिता विहार थाना पुलिस के अधिकारी के अनुसार गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद इस तरह के कुल आधा दजर्न से ज्यादा मामले सुलझाए जा सकेंगे।

सरिता विहार थाने के अधिकारी मनिंदर सिंह ने बताया कि पिछले कुछ समय से इलाके में संगठित तरीके से लूटपाट और चोरी की वारदातों में इजाफा हुआ था। जिसके बाद हमें अपनी एक विशेष टीम गिरोह के सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए बनाया। गिरोह के सदस्य एक निश्चित योजना के तहत ही किसी इलाके या शो-रूम के बाहर से चोरी की वारदात को अंजाम देते थे लिहाजा ऐसे में शो-रूम और कॉलोनी के आसपास गस्त बढ़ाई गई। और सोमवार की सुबह इन लोगों को जसोला के पास से गिरफ्तार किया गया। आरोपियों ने शुरुआती पूछताछ में अपना जुर्म कबूल लिया है।

अनोखे तरीके से अभी तक 20 से ज्यादा चोरियां की
अधिकारी ने बताया कि गिरोह के सदस्यों द्वारा चोरी करने का तरीका बिल्कुल अलग था। चुकि गिरोह के कुछ सदस्य संबंधित कॉलोनी या शो-रूम में गार्ड के तौर पर नौकरी करते थे लिहाजा उन्हें कॉलोनी या शो-रूम के बाहर पुलिस गस्त और लोगों के आने जाने का समय पता होता था। कुछ दिन की रेकी के बाद वो अपने अन्य सदस्यों से कॉलोनी या शो-रूम के आगे के वाहन चोरी की वारदात को अंजाम दिलाते थे। बतौर गार्ड वहां काम करने की वजह से अकसर लोगों को उनपर शक नहीं होता था और कुछ शुरुआती पूछताछ के बाद पुलिस गार्ड को छोड़ देती थी। और वो चोरी किए गए वाहनों को बाद में बेच देते थे और मुनाफे को आपस में बांटते थे। उत्तम नगर में तो बतौर गार्ड काम करते हुए गिरोह के एक सदस्य ने एटीएम को काटने की भी कोशिश की थी। जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

स्थानीय स्तर पर युवाओं को जोड़ते थे गिरोह से
गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस की शुरुआती पूछताछ में माना कि वो समय-समय पर वारदात करने की जगह को बदलते रहते थे। किसी नई जगह वाहन चारी की वारदात को अंजाम देने के लिए वो वहां के स्थानीय युवाओं को भी गिरोह से जोड़ते थे। इससे उन्हें कम से कम समय में इलाके के बारे में जानकारी मिल जाती थी और वो इलाके में इस तरह की वारदात को अंजाम देते थे।

गिरोह के सदस्यों पर हत्या और लूट के भी मामले
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पकड़े गए सदस्यों पर दिल्ली के अलग-अलग थानों में हत्या और लूट के भी करीब एक दजर्न से ज्यादा मामले दर्ज हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने विभिन्न थानों को इसकी सूचना दे दी है।

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