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रणभूमि बना रामपाल का सतलोक आश्रम

रणभूमि बना रामपाल का सतलोक आश्रम

रामपाल की गिरफ्तारी के लिए आश्रम की घेराबंदी कर बैठी पुलिस और समर्थकों के बीच दोपहर को शुरू हुआ संघर्ष हिंसक रूप ले चुका है। मौके पर युद्ध जैसा माहौल है। रामपाल समर्थक पत्थर के साथ ही पेट्रोल बम से हमला कर रहे हैं और फायरिंग भी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस संघर्ष में 180 लोग घायल हैं,  जिसमें पुलिस वालों की संख्या अधिक है। सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी पुलिस व आश्रम के अनुयायियों के बीच मंगलवार सुबह खूनी संघर्ष हो गया।

आश्रम की तरफ बढ़ने का प्रयास कर रही पुलिस पर आश्रम की तरफ से पत्थरबाजी व फायरिंग शुरू कर दी गई। जवाबी कार्रवाही में पुलिस ने आंसूगैस के गोले छोड़े,  अनुयायियों पर लाठीचार्ज किया और पानी की बौछारें छोड़ी जिस पर आश्रम अनुयायियों को पीछे हटना पड़ा। पत्थरबाजी व गोलीबारी में घायल लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। हाईकोर्ट के कड़े निर्देशों के बाद रामपाल की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी पुलिस को मंगलवार देर सायं तक भी गिरफ्तारी में सफलता नहीं मिल पाई। रामपाल को गिरफ्तार करने की पुलिस की कवायद उस समय खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई जब गिरफ्तारी के प्रयासों के चलते आश्रम की तरफ से पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी गई।

पुलिस ने जवाबी कार्रवाही करते हुए आंसूगैस के गोले छोड़े और आश्रम के अनुयायियों पर जमकर लाठीचार्ज किया। इसी के चलते रामपाल समर्थकों व पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। बताया जा रहा है कि आश्रम की तरफ से चली गोली व पत्थरबाजी से लगभग डेढ़ दर्जन पुलिस कर्मी घायल हुए हैं,  जिनमें से दो को गोली भी लगी है। इसके अलावा दोनों ओर से हुई झड़प व लाठीचार्ज में अनेक लोगों के घायल होने का समाचार है। पुलिस ने जैसे ही ऑप्रेशन गिरफ्तारी शुरू किया तो रामपाल समर्थकों ने पुलिस पर पत्थरबाजी व फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी रामपाल समर्थकों पर लाठीचार्ज किया। आश्रम में मौजूद रामपाल समर्थकों ने पुलिस को रोकने के लिए छत से फायरिंग और पत्थरबाजी शुरू कर दी।

पुलिस ने भी जवाब में आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज शुरू कर दिया। इसके साथ ही आश्रम के गेट पर मौजूद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल शुरू किया गया। आश्रम में दाखिल होने के लिए पुलिस ने जेसीबी मशीन की सहायता से एक दीवार भी ढहा दी जबकि दूसरी दीवार तोड़ने का प्रयास कर रही जेसीबी को आश्रम के अनुयायियों ने पैट्रोल छिड़क कर आग लगा दी। आश्रम के बाहर दीवार बनकर खड़ी रामपाल की महिला समर्थकों को पुलिस ने एक-एक कर वहां से हटाया। लाठीचार्ज में घायल महिलाओं व अन्य लोगों को विभिन्न एंबुलेंसों में डालकर अस्पतालों में ले जाया गया,  जहां उनका उपचार चल रहा है। पुलिस के लाठीचार्ज में अनेक मीडिया कर्मियों को भी चोटें आई और अनेक के कैमरे टूट गए। शाम तक पुलिस आश्रम के अंदर तक नहीं पहुंच पाई आश्रम के आसपास तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।

शाम होते-होते पुलिस ने ऑप्रेशन रोक दिया ताकि आश्रम के अंदर मौजूद महिलाओं व बच्चों को बेवजह नुकसान न पहुंचे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आश्रम के अंदर से काफी लोग बाहर निकल रहे हैं लेकिन जो अंदर है,  उन्हें जबरदस्ती बंधक बनाकर रखा हुआ है। यदि कोई अनुयायी बाहर आकर अपने घरों को जाना चाहते हैं तो पुलिस ने उनके लिए पूरा इंतजाम किया हुआ है। इसके लिए पुलिस कप्तान सतेन्द्र गुप्ता ने बाकायदा लाऊड स्पीकर से घोषणा की जिस पर बहुत से अनुयायी बाहर निकलकर भी आए। बाहर आए अनुयायियों ने आरोप लगाया कि आश्रम में हालात बंधकों जैसी है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि रामपाल शत-प्रतिशत इसी आश्रम में है और उनकी गिरफ्तारी तक ये ऑप्रेशन जारी रहेगा। देर सांय को पुलिस का ऑप्रेशन रूक गया लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। दूसरी तरफ आश्रम के प्रवक्ता ने कहा है कि रामपाल को आश्रम से बाहर शिफ्ट कर दिया गया है। उनका कहना है कि तबीयत ज्यादा खराब होने के चलते रामपाल को यहां से शिफ्ट किया गया है लेकिन प्रवक्ता ये नहीं बता रहे कि उन्हें कहां शिफ्ट किया गया है। आश्रम के प्रवक्ता ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच करवाई जाए। हालांकि पुलिस को आश्रम के इस बयान पर यकीन नहीं है। पुलिस आश्रम परिसर में दाखिल होकर रामपाल को तलाश करना चाहती है।


आश्रम का दावा, 8-10 लोगों की हो चुकी है मौत
स्वयंभू संत रामपाल के समर्थक लगातार उपद्रव मचा रहे हैं। समर्थकों ने बरवाला स्थित आश्रम के बाहर खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी। इससे पहले आश्रम के प्रवक्ता राज कपूर ने दावा किया कि पुलिस की गोलियों से 8 से 10 लोग मारे जा चुके हैं। फोन पर बातचीत में प्रवक्ता ने दावा किया कि चार लाशें तो उनके आश्रम में ही पड़ी हैं। हालांकि,  इस दावे में कितनी सच्चाई है,  यह छानबीन के बाद ही पता चल पाएगा। आश्रम के प्रवक्ता का कहना है कि पुलिस ने संत के समर्थकों पर बेरहमी से लाठियां बरसाईं जिसकी वजह से कई महिलाएं और बच्चे बुरी तरह जख्मी हुए हैं। इनमें कइयों ने दम भी तोड़ दिया है। इधर,  डीजीपी ने मौत के दावे को झूठा करार दिया है। उन्होंने कहा कि संत के समर्थकों के हमले में 105 पुलिसवाले जख्मी हो गए हैं। उन्होंने बताया कि दो पुलिसवालों को गोलियां लगी हैं। पुलिस महानिदेशक का कहना है कि रामपाल अब भी आश्रम में ही हैं जिन्हें बचाने के लिए कई लोगों को ‘बंधक बनाकर’ आश्रम में रखा गया है।

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