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नेहरू की नीतियां सदा प्रासंगिक

नेहरू की नीतियां सदा प्रासंगिक

नरेन्द्र मोदी सरकार पर अप्रत्यक्ष निशाना साधते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को उन लोगों की आलोचना की जो नेहरू को इतिहास से मिटाने का प्रयास कर रहे हैं।  देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की 125वीं जयंती पर कांग्रेस द्वारा आयोजित अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन ने इस बात की पुष्टि की कि नेहरू द्वारा समर्थित लोकतंत्र,  समावेश और सशक्तिकरण स्थाई तौर पर प्रासंगिक हैं।

कांग्रेस द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन के अपने समापन भाषण में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि अब जबकि नेहरूवादी अवधारणायें चुनौतियों के दायरे में हैं,  हमें न सिर्फ नेहरू ने जो निर्मित किया,  उसका पालन करना है,  बल्कि लोकतंत्र,  समावेश और धर्मनिरपेक्षता को मजबूत बनाने के लिए भी संघर्ष करना है।

उन्होंने कहा कि नेहरू के विचार साझे हित की बात है जो सभी वर्गों से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि घोषणा पत्र इन विचारों को पोषित करने की सामूहिक वचनबद्धता की पुष्टि करता है। घाना के पूर्व राष्ट्रपति जान कूफूअर ने घोषणा पत्र को पढ़ा। इसमें कहा गया है नेहरू के विश्व के विचार और उनकी विरासत पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले हम 20 देशों,  29 राजनीतिक दलों और संगठनों के प्रतिनिधि विश्व को उन प्रवृत्तियों के प्रति आगाह करते हैं,  जो विघटनकारी हैं या जो समाज में टकराव पैदा करते हैं।

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