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महँगाई पर एक और वार

बढ़ती महँगाई से चिन्तित केन्द्र सरकार ने स्टील और सीमेंट सहित कई वस्तुओं पर शुल्क की दरों में व्यापक बदलाव किया है। सरकार ने स्टील उत्पादन के काम आने वाले कच्चे माल और मलाई रहित दूध पाउडर के आयात शुल्क में कटौती कर दी है। इसके साथ ही उसने स्टील के विभिन्न उत्पादों के निर्यात पर 15 फीसदी शुल्क लगा दिया है।ड्ढr वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने लोकसभा में वित्त विधेयक पर चर्चा का उत्तर देते हुए यह घोषणा की। चिदंबरम ने कहा कि इन घोषणाओं पर अमल के लिए अलग से अधिसूचना जारी की जाएगी। सदन ने बाद में वित्त विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिया। वामदलों ने पेट्रोल और डीजल के शुल्क में कटौती नहीं किए जाने के विरोध में सदन से वाकआउट किया। चिदम्बरम ने कहा कि महँगाई बढ़ाने में स्टील उद्योग की सबसे बड़ी भूमिका है। इस वक्त मुद्रास्फीति की जो दर है, उसमें 21.3 प्रतिशत तक योगदान इस्पात के बढ़ते दामों का है। इस्पात के निर्यात पर लगाम लगाने के लिए उन्होंने अर्धनिर्मित और शुरुआती किस्म के इस्पात उत्पादों के निर्यात पर 15 प्रतिशत, स्पेसिफाइड रॉल्ड प्रॉडक्ट्स पर 10 प्रतिशत और गेल्वनाइज्ड इस्पात पर पाँच प्रतिशत की दर से निर्यात शुल्क लगाने का एलान किया। इस्पात उत्पादन में काम आने वाले कच्चे माल लौह पिंड, स्पंज आयरन, सीआर कॉयल आदि पर पाँच प्रतिशत बेसिक कस्टम ड्यूटी उन्होंने पूरी तरह समाप्त कर दी। चिदम्बरम ने टीएमटी बार पर14 प्रतिशत की काउंटरवेलिंग ड्यूटी और धात्विक कोक तथा फैरो एलायॅज जिंक पर भी पाँच प्रतिशत की बेसिक कस्टम ड्यूटी समाप्त करने की घोषणा की। पैकिंग सीमेंट पर उत्पाद शुल्क मूल्यानुसार 12 प्रतिशत की दर से लगाने का एलान किया। मलाई रहित दूध पाउडर पर बेसिक कस्टम शुल्क 15 से घटाकर पाँच प्रतिशत और बटर ऑयल पर 40 से घटाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है। अखबारों के न्यूज प्रिंट पर बेसिक कस्टम ड्यूटी तीन प्रतिशत करने का भी एलान किया।

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