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रक्षा क्षेत्र में व्यावसायिक तकनीकों के इस्तेमाल पर सेमिनार

रक्षा क्षेत्र में व्यावसायिक तकनीकों के इस्तेमाल पर सेमिनार

सड़कों, कॉलोनियों और बाजारों में लगे सीसी टीवी कैमरे अपराधियों का काल बन जाएंगे। किसी भी कैमरे पर अपराधी की शक्‍ल दिखते ही पुलिस को तुरंत चेतावनी (अलर्ट) मिलेगा। जी हां, माइक्रोसॉफ्ट ने दिल्ली की सुरक्षा एजेंसियों के लिए ऐसा रियल टाइम अलर्ट सिस्टम तैयार किया है। हाल ही में इस तरह के सिस्टम को अमेरिका के न्यूयार्क शहर ने अपनाया है।

सुरक्षा और संचार के क्षेत्र में लगातार हो रही प्रगति पर डेफकॉम इंडिया-2014 सेमिनार और प्रदर्शनी की शुरुआत मंगलवार को मानकशॉ सेंटर में की गई। दो दिन तक चलने वाली इस प्रदर्शनी और सेमिनार में दुनिया भर के ही विशेषज्ञ व उपकरण और सॉफ्टवेयर निर्माता कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। प्रदर्शनी में डोमेन अवेयर सिस्टम पेश कर रहे माइक्रोसॉफ्ट के एकाउंट टेक्नोलॉजी स्टेटेजिस्ट भूपिन्दर नैय्यर ने बताया कि अभी सीसी टीवी कैमरे में सबकुछ रिकार्ड होता रहता है। अपराध होने पर उस इलाके के सभी सीसी टीवी कैमरे को खंगाला जाता है। लेकिन, नए सिस्टम से जोडम्ने पर सीसी टीवी कैमरे पर जैसे ही कोई अपराधी दिखेगा, उसका अलर्ट सुरक्षा एजेंसी के पास पहुंच जाएगा। इससे उसकी धरपकड़ आसान हो जाएगी। यह सिस्टम पुलिस के पास मौजूद डाटा के हिसाब से तुरंत ही संदिग्ध की पहचान कर लेता है।

एप्पल के फोन से भी हल्का कंप्यूटर पहनेंगे सैनिक:
प्रदर्शनी में सीक्योर कंपनी की ओर से टैक्टिकल रिस्ट डिस्प्ले पेश किया गया है। यह बेहद हल्का और छोटा कंप्यूटर है। इसका सीपीयू सैनिक की जैकेट से अटैच कर दी जाती है। जबकि, स्क्रीन टच मॉनीटर कलाई पर बांध दिया जाता है। इस उपकरण की मदद से सैनिक को पूरे युद्ध क्षेत्र का वास्तविक नक्शा मिल जाता है और वह हर समय अपने अधिकारियों के निर्देशों से जुड़ा रहता है। इसके साथ ही वह खुद भी स्थानीय जानकारी को कंप्यूटर में फीड करता रह सकता है।

डेढ़ किलोमीटर की दूरी से अंधेरे में भी दुश्मन पर निशाना:
ऑप्टोनिक कंपनी ने प्रदर्शनी में नई तकनीक से लैस नाइट विजन उपकरण पेश किए हैं। इनकी मदद से डेढ़ किलोमीटर की दूरी तक अंधेरे में भी दुश्मन पर निगाह रखी जा सकती है। जबकि, इसे गन पर लगाकर दुश्मन को निशाना भी बनाया जा सकता है।

कुछ देर में गायब हो जाएगा एसएमएस:
एसएमएस और ईमेल के हैक होने के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में एग्री या मोबिलिटी कंपनी ने इन सेवाओं को सुरक्षित बनाने के लिए नया सॉफ्टवेयर पेश किया है। कंपनी के वरिष्ठ उप प्रमुख इंजीनियरिंग अंकुश तिवारी ने बताया इसके जरिए एसएमएस इनक्रिप्टेड कोड में आते हैं और उन्हें कोई अन्य व्यक्ति नहीं पढ़ सकता। पढ़ने के कुछ ही सेकेंड में ये मैसेज गायब हो जाते हैं।

सुरक्षा तकनीकों पर हुई चर्चा:
वहीं, सुरक्षा क्षेत्र में व्यावसायिक तकनीकों के प्रयोग विषय पर आयोजित सेमिनार में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने विचार रखे। सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग ने सेमिनार में डेफकॉम जर्नल का लोकार्पण भी किया। उन्होंने प्रदर्शनी में लगी नई-नई तकनीकों और उपकरणों का जायजा भी लिया।

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