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इरादतन चूक करने वालों पर प्रतिबंध का विचार: सेबी

इरादतन चूक करने वालों पर प्रतिबंध का विचार: सेबी

जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वालों से कड़ाई से निपटने के लिए बाजार नियामक सेबी इस तरह की इकाइयों पर विभिन्न प्रतिबंधों पर विचार कर रहा है। इसके तहत ऐसी इकाइयों पर पूंजी बाजार से धन जुटाने पर रोक लगाई जा सकती है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की मौजूदा नियमों की समीक्षा के तहत जानबूझकर चूककर्ता (विलफुल डिफाल्टर) की श्रेणी में आने वाली कंपनियों,  प्रवर्तकों तथा निदेशकों पर पूंजी बाजार में भागीदारी पर रोक लगाने की योजना है।

इस तरह के चूककर्ताओं के लिए कड़े नियमों से यह सुनिश्चित होगा कि पूंजी बाजार में उनकी पहुंच सीमित रहे। अधिकारी ने कहा कि इन चूककर्ताओं को अन्य कंपनी का नियंत्रण लेने से रोका जा सकता है और इस तरह की प्रणाली से यह सुनिश्चित होगा कि बाकी सूचीबद्ध कंपनियां उक्त श्रेणी की इकाइयों के प्रबंधन या प्रवर्तकों से बच सकें। सेबी के निदेशक मंडल की बैठक बुधवार को होनी है जिसमें इन प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया जा सकता है। मौजूदा नियमों के अनुसार जानबूझकर चूककर्ता परिवर्तनीय ऋण पत्र जारी नहीं कर सकते। हालांकि इस तरह की इकाइयों पर सार्वजनिक या राइटस निर्गम के जरिये पूंजी बाजार से धन जुटाने पर कोई रोक नहीं है।

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