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शिवसेना-भाजपा फिर आ सकते हैं साथ, जोशी ने दिए संकेत

शिवसेना-भाजपा फिर आ सकते हैं साथ, जोशी ने दिए संकेत

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ आरएसएस प्रमुख की बातचीत के बाद एक प्रमुख शिवसेना नेता ने आज कहा कि भाजपा के साथ उनकी पार्टी का गठबंधन संभव है। शिवसेना के वरिष्ठ नेता मनोहर जोशी ने कहा कि हिन्दुत्व के सिद्धांतों पर शिवसेना के भाजपा के साथ आने की मजबूत उम्मीद है। लेकिन हम यह नहीं जानते कि ऐसा कब होगा। (शिवसेना प्रमुख) उद्धव जी अंतिम फैसला करेंगे।

वह शिवाजी पार्क में दिवंगत शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे को उनकी दूसरी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भविष्य में महाराष्ट्र निश्चित तौर पर शिवसेना का मुख्यमंत्री देखेगा। इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि कुछ चीजों में समय लगता है।

जोशी ने कहा कि मैं काफी भाग्यशाली था कि मैं बाला साहब के जीवन में उनकी छाया बना। उनके जैसा महान व्यक्ति दोबारा पैदा नहीं होगा। यह दुर्भाग्यपूर्ण कि पूर्व सरकार दिवंगत शिवसेना प्रमुख के लिए स्मारक बनवाने में विफल रही। इस बीच, वरिष्ठ भाजपा नेता विनोद तावड़े ने कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि आरएसएस प्रमुख ने उद्धव को फोन किया। उन्होंने कहा कि शिवसेना को सरकार में शामिल होना चाहिए था।

तावड़े ने कहा, मैं (उद्धव ठाकरे को) आरएसएस प्रमुख के फोन करने की बात सुनकर हैरान हूं। मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। जहां तक शिवसेना का संबंध है, हमने हमेशा महसूस किया कि शिवसेना को राज्य सरकार में हमारे साथ होना चाहिए था। मैं नहीं जानता कि उन्होंने विधानसभा में नेता विपक्ष क्यों नियुक्त कर दिया।

शिवसेना ने कहा, हमसे कोई उम्मीद न रखना

शिवसेना ने आज इस संभावना से इनकार किया कि पूर्व गठबंधन सहयोगी भाजपा से उसका फिर मेलमिलाप हो सकता है और कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा में विश्वास मत के दौरान जो कुछ हुआ उससे सत्तारूढ़ पार्टी ने लोगों की उम्मीदों को तोड़ दिया है।

पार्टी ने अपने मुखपत्र सामना में एक संपादकीय में कहा कि हमें इस बारे में बैठने और सोचने की आवश्यकता नहीं है कि विधानसभा चुनाव के दौरान (भाजपा के साथ) क्या गलत हुआ। लेकिन जिन्होंने भी महाराष्ट्र को एक ऐसे राज्य के रूप में ला खड़ा किया है जहां इसे हाल में हुए बुरे कामों के लिए पछताना पड़ेगा, उन्हें भविष्य में उम्मीद के साथ शिवसेना की ओर नहीं देखना चाहिए।

शिवसेना ने कहा कि पिछले 15 साल तक शासन के दौरान हुई कांग्रेस और राकांपा की बदनामी से ज्यादा भाजपा की बदनामी हुई है। संपादकीय में कहा गया कि राज्य में 15 साल के शासन के दौरान कांग्रेस और राकांपा की जो आलोचना हुई उससे ज्यादा आलोचना विश्वास मत हासिल करने के लिए हुए नाटक की वजह से भाजपा की हुई है। राज्य के लोगों की उम्मीदें और सपने बिखर गए हैं। अब इसकी कीमत कौन चुकाएगा।

शिवसेना ने कहा कि विधानसभा चुनाव में लोगों ने बदलाव के लिए वोट दिया था, लेकिन लोगों की आकांक्षाएं पूरी नहीं होंगी क्योंकि भाजपा ने राकांपा के समर्थन से सरकार बनाई है। इसने कहा, क्या लोगों को सचमुच महाराष्ट्र के विकास का सपना देखने का अवसर मिला है कांग्रेस शासन खत्म हो गया है, लेकिन पहले की तरह ही नयी दिल्ली आज भी राज्य में एक बड़ी भूमिका निभाएगी।

संपादकीय में कहा गया, हम महाराष्ट्र को अखंड राज्य बनाए रखने की दिशा में काम करेंगे और अपने 63 विधायकों के साथ लगातार इसकी प्रगति के लिए काम करेंगे। इस बीच, श्विसेना ने बाल ठाकरे की दूसरी पुण्यतिथि पर यहां शिवाजी पार्क में आज अपने शक्ति प्रदर्शन की योजना बनाई है। पार्टी सूत्रों ने कहा कि भाजपा से अलग होने के बाद यह शिवसेना के गौरव को प्रदर्शित करने का एक अवसर होगा। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अन्य भाजपा नेता शामिल होंगे या नहीं।

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