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परीक्षार्थियों से मोटी रकम वसूलता है अरविंद राणा गिरोह

रविवार को एक बार फिर बागपत चर्चाओं का केंद्र बना रहा। एसएससी की परीक्षा के दौरान नकलची पकड़े गए तो उनमें कई युवक बागपत जिले के मिले। पूछताछ में फिर खुलासा हुआ कि नकल कराने में बागपत जिले के बड़ौत इलाके के अरविंद राणा का गिरोह सक्रिय है। वही परीक्षार्थियों से मोटी रकम वसूलकर न सिर्फ पेपर आउट कराता है और नकल सामग्री भी उपलब्ध कराता है। अरविंद राणा गिरोह पर फिलहाल यूपी समेत कई राज्यों की पुलिस की नजर लगी हई है।

एसटीएफ के सीओ अनित कुमार और सब इंस्पेक्टर अजय कुमार शर्मा ने बताया कि अभी तक की जांच-पड़ताल में सामने आया कि बड़ौत में कोचिंग सेंटर चलाने वाला अरविंद राणा ही गिरोह को चला रहा है। बता दें कि एसटीएफ ने अरविंद राणा गिरोह के चार गुर्गो को पिछले महीने मेरठ में पकड़ा था। इसके अलावा जून 2013 में रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड की आरपीएफ की आरक्षी पद की परीक्षा में एसएमएस के जरिए पेपर आउट कराकर नकल कराते समय अरविंद राणा को थाना बुढ़ाना मुजफ्फरनगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था।

रविवार को एसएससी की परीक्षा में मेरठ समेत कई परीक्षा केंद्रों पर नकल करते हुए परीक्षार्थियों को पकड़ा। परीक्षार्थियों से पूछताछ की गई तो सामने आया कि बागपत जिले के बड़ौत क्षेत्र के रहने वाले अरविंद राणा का गिरोह सक्रिय है। गिरोह के सदस्य प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षार्थियों से नकल कराने की एवज में चार-चार लाख रुपये वसूलते हैं। रविवार को मेरठ ही नहीं बल्कि गोरखपुर में भी बागपत जिले के परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़े गए। गोरखपुर में पकड़े गए  बागपत जिले के बड़ौत क्षेत्र के लोयन निवासी सचिन पुत्र चन्द्रपाल सिंह के पास तो सॉल्व पेपर मिला। टीम कुछ समझती, इससे पहले ही वह सॉल्व पेपर खा गया। वहीं पर थाना बड़ौत के बडौली निवासी विवेक कुमार पाल को भी पकड़ा गया। उसने अपनी शर्ट की बांह पर ही कोड़ में प्रश्नों का उत्तर लिखा था।

अरविंद राणा समेत इस गैंग पर यूपी के साथ ही दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड समेत कई राज्यों की पुलिस नजर लगी है। जहां भी एसएससी की परीक्षा में नकल कराने और करने वाले पकड़े जा रहे है इनमें सर्वाधिक परीक्षार्थी बागपत के है। इसके बाद दिल्ली, हरियाणा के अभ्यर्थियों का नंबर आता है। एसटीएफ के सब इंस्पेक्टर अजय कुमार शर्मा के मुताबिक अरविंद राणा मेरठ, दिल्ली, मुजफ्फरनगर, हरियाणा, देहरादून समेत कई स्थानों से वांछित चल रहा है।

जहां पर्चा लीक हुआ वहीं होगी कार्रवाई
जिस तरह से एसटीएफ ने मेरठ में ग्यारह नकलचियों को पकड़ा। इसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि रविवार को हुई परीक्षा का पर्चा गिरोह ने आउट कराया था। गिरोह ने परीक्षार्थियों से मोटी रकम वसूलकर उन्हें नकल सामग्री उपलब्ध कराई थी। एसटीएफ के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें जो सूचना मिली, उसके आधार पर उन्होंने कार्रवाई कर दी। पर्चा जहां से लीक हुआ है, वहीं पर उससे संबंधित कार्रवाई की जाएगी।

पिछले महीने भी पकड़े थे सात लोग
पिछले महीने एसटीएफ मेरठ यूनिट ने एएसपी और सीओ के नेतृत्व में हाथी खाना के पास से एसएससी परीक्षा में पेपर लीक कराने और नकल कराने वाले गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया था। इनमें गिरोह के चार गुर्गे थे, जो जिला जेल में बंद है। एसटीएफ के अधिकारिक सूत्रों की मानें तो छानबीन में जो तथ्य सामने आए है, उनके मुताबिक नकल की पर्चियां मेरठ और बागपत जिलों में तैयार हो रही हैं।
 
..तो सुनियोजित तरीके से फंसाए परीक्षार्थी
पिछले बार की तरह इस बार भी पुलिस और प्रशासन के साथ ही एसटीएफ सक्रिय थी। जिस तरह से एक ही सेंटर पर कुल ग्यारह परीक्षार्थी पकड़े गए। इससे लगता है कि परीक्षा समिति ने योजनाबद्ध तरीके से मेरठ, दिल्ली और हरियाणा के सभी लड़कों का परीक्षा केन्द्र एसडी सदर कॉलेज में बना दिया। परीक्षा केंद्र पर जैमर और हर कक्ष में सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए। परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों को शायद इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह परीक्षा समिति और अफसरों के बुने जाल में फंसने जा रहे हैं। परिणाम यह निकला कि आखिरकार परीक्षार्थी एसटीएफ के जाल में फंस गए।परीक्षार्थियों से मोटी रकम वसूलता है अरविंद राणा गिरोह


मेरठ। वरिष्ठ संवाददाता
रविवार को एक बार फिर बागपत चर्चाओं का केंद्र बना रहा। एसएससी की परीक्षा के दौरान नकलची पकड़े गए तो उनमें कई युवक बागपत जिले के मिले। पूछताछ में फिर खुलासा हुआ कि नकल कराने में बागपत जिले के बड़ौत इलाके के अरविंद राणा का गिरोह सक्रिय है। वही परीक्षार्थियों से मोटी रकम वसूलकर न सिर्फ पेपर आउट कराता है और नकल सामग्री भी उपलब्ध कराता है। अरविंद राणा गिरोह पर फिलहाल यूपी समेत कई राज्यों की पुलिस की नजर लगी हई है।

एसटीएफ के सीओ अनित कुमार और सब इंस्पेक्टर अजय कुमार शर्मा ने बताया कि अभी तक की जांच-पड़ताल में सामने आया कि बड़ौत में कोचिंग सेंटर चलाने वाला अरविंद राणा ही गिरोह को चला रहा है। बता दें कि एसटीएफ ने अरविंद राणा गिरोह के चार गुर्गो को पिछले महीने मेरठ में पकड़ा था। इसके अलावा जून 2013 में रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड की आरपीएफ की आरक्षी पद की परीक्षा में एसएमएस के जरिए पेपर आउट कराकर नकल कराते समय अरविंद राणा को थाना बुढ़ाना मुजफ्फरनगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था।

रविवार को एसएससी की परीक्षा में मेरठ समेत कई परीक्षा केंद्रों पर नकल करते हुए परीक्षार्थियों को पकड़ा। परीक्षार्थियों से पूछताछ की गई तो सामने आया कि बागपत जिले के बड़ौत क्षेत्र के रहने वाले अरविंद राणा का गिरोह सक्रिय है। गिरोह के सदस्य प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षार्थियों से नकल कराने की एवज में चार-चार लाख रुपये वसूलते हैं। रविवार को मेरठ ही नहीं बल्कि गोरखपुर में भी बागपत जिले के परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़े गए। गोरखपुर में पकड़े गए  बागपत जिले के बड़ौत क्षेत्र के लोयन निवासी सचिन पुत्र चन्द्रपाल सिंह के पास तो सॉल्व पेपर मिला। टीम कुछ समझती, इससे पहले ही वह सॉल्व पेपर खा गया। वहीं पर थाना बड़ौत के बडौली निवासी विवेक कुमार पाल को भी पकड़ा गया। उसने अपनी शर्ट की बांह पर ही कोड़ में प्रश्नों का उत्तर लिखा था।

अरविंद राणा समेत इस गैंग पर यूपी के साथ ही दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड समेत कई राज्यों की पुलिस नजर लगी है। जहां भी एसएससी की परीक्षा में नकल कराने और करने वाले पकड़े जा रहे है इनमें सर्वाधिक परीक्षार्थी बागपत के है। इसके बाद दिल्ली, हरियाणा के अभ्यर्थियों का नंबर आता है। एसटीएफ के सब इंस्पेक्टर अजय कुमार शर्मा के मुताबिक अरविंद राणा मेरठ, दिल्ली, मुजफ्फरनगर, हरियाणा, देहरादून समेत कई स्थानों से वांछित चल रहा है।

जहां पर्चा लीक हुआ वहीं होगी कार्रवाई
जिस तरह से एसटीएफ ने मेरठ में ग्यारह नकलचियों को पकड़ा। इसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि रविवार को हुई परीक्षा का पर्चा गिरोह ने आउट कराया था। गिरोह ने परीक्षार्थियों से मोटी रकम वसूलकर उन्हें नकल सामग्री उपलब्ध कराई थी। एसटीएफ के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें जो सूचना मिली, उसके आधार पर उन्होंने कार्रवाई कर दी। पर्चा जहां से लीक हुआ है, वहीं पर उससे संबंधित कार्रवाई की जाएगी।

पिछले महीने भी पकड़े थे सात लोग
पिछले महीने एसटीएफ मेरठ यूनिट ने एएसपी और सीओ के नेतृत्व में हाथी खाना के पास से एसएससी परीक्षा में पेपर लीक कराने और नकल कराने वाले गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया था। इनमें गिरोह के चार गुर्गे थे, जो जिला जेल में बंद है। एसटीएफ के अधिकारिक सूत्रों की मानें तो छानबीन में जो तथ्य सामने आए है, उनके मुताबिक नकल की पर्चियां मेरठ और बागपत जिलों में तैयार हो रही हैं।
 
..तो सुनियोजित तरीके से फंसाए परीक्षार्थी
पिछले बार की तरह इस बार भी पुलिस और प्रशासन के साथ ही एसटीएफ सक्रिय थी। जिस तरह से एक ही सेंटर पर कुल ग्यारह परीक्षार्थी पकड़े गए। इससे लगता है कि परीक्षा समिति ने योजनाबद्ध तरीके से मेरठ, दिल्ली और हरियाणा के सभी लड़कों का परीक्षा केन्द्र एसडी सदर कॉलेज में बना दिया। परीक्षा केंद्र पर जैमर और हर कक्ष में सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए। परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों को शायद इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह परीक्षा समिति और अफसरों के बुने जाल में फंसने जा रहे हैं। परिणाम यह निकला कि आखिरकार परीक्षार्थी एसटीएफ के जाल में फंस गए।

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