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एक साल की जवां हुई राहगीरी

राहगीरी दिवस के एक साल पूरे होने पर रविवार को मेगा सेलिब्रेशन किया गया। इसमें यूफोरिया बैंड ने शानदार प्रस्तुति दी। इसके अलावा स्केटिंग,योगा, डॉग शो, मॉस साइकिल व बाइक रैली, महिला सेफ्टी पर फ्लैश मॉब समेत अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसमें भारी संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान बोगोटा के पूर्व मेयर,संयुक्त आयुक्त अपराध और हुडा भी शामिल हुए।
साइबर सिटी में नॉन मोटर व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए 16  नंवबर 2013 को सुशांतलोक क्षेत्र में राहगीरी दिवस की शुरुआत की गई थी। राहगीरी दिवस ने उतार चढ़ाव को पार करते हुए अपनी कामयाबी का एक साल पूरा कर लिया है। इसे लेकर आयोजकों ने इस बार खास कार्यक्रमों का आयोजन किया। इसमें हुडा प्रशासक अशोक संगवान भी पहुंचे। उन्होंने राहगीरी रु ट का एक चक्कर लगाया और अन्य कार्यक्रमों में शामिल हुए। इसके अलावा सयुंक्त आयुक्त विवेक शर्मा और एसीपी डीएलएफ भी राहगीरी में शामिल हुए। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस के स्टॉल का मुआयना किया और लोगों से बातचीत की। राहगीरी की संयोजिका सरिका भट्ट ने कहा कि अभियान की सफलता यही है कि अब लोग पैदल और साइकिल सवारों के बारे में बात करते हैं। राहगीरी दिवस की वजह से संबंधित एजेंसियां अपने आने वाले प्रोजेक्टों में दोनों बातों का ध्यान दिया जा रहा है। नॉस्कॉम जैसी संस्थाओं से जुड़े लोग सार्वजनिक परिवहन प्रणाली के प्रयोग पर बल दे रहे हैं।

बगोटा के पूर्व मेयर ने किया संबोधित-
राहगीरी की शुरुआत सबसे पहले बगोटा शहर से शुरू हुई थी। राहगीरी में लोगों को संबोधित करते हुए बोगोटा के पूर्व मेयर ई. पेनालोसा ने कहा कि गुड़गांव शहर में 33 फीसदी लोगों के पास कारें है। ऐसे एक बहुत बड़े तबके के लोगों को नॉन मोटर व्हीकल का प्रयोग करते हैं। गुड़गांव जैसे विकसीत हो रहे शहर में पर्यावरण अनुकूल परिवहन प्रणाली की जरुरत है। लोग पैदल और साइकिल की सवारी करना चाहते हैं लेकिन उनके लिए इंफ्रॉस्टक्चर उपलब्ध होना चाहिए। राहगीरी अभियान की तारिफ भी किया। पेनालोसा ने बोगोटा में शुरू किए गए राहगीरी अभियान के बारे में भी लोगों से सांझा किया। बताया कि बोगोटा शहर एक दिन पूरी सिटी कार फ्री रखा जाता है।

यूफोरिया बैंड ने दी शानदार प्रस्तुति-
यूफोरिया बैंड ने राहगीरी में शानदार प्रस्तुति दी। पलासेन और उनकी टीम ने राहगीरी में बनाए अपने गीत को प्रस्तुत किया। इसके अलावा उन्होंने लोगों की पसंद के भी कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसमें बच्चाे,युवाओं समेत अन्य ने जमकर उनके  रॉक म्यूजिक का आनंद उठाया। पलास सेन ने भी राहगीरी अभियान की तारिफ किया। उन्होंने कहा कि पैदल और साइकिल सवारों का भी सफर सुरिक्षत होना चाहिए। इसके लिए एजेंसियों को कदम उठाने की जरुरत है।

गीव वे टू एबुलेंस-
राहगीरी में संयुक्त आयुक्त अपराध विवेक शर्मा ने गीव वे टू एबुलेंस अभियान की शुरूआत की। इसे रोड सेफ्टी ऑफिसर और एक निजी अस्पताल के सहयोग से शुरू किया। इसका मकसद लोगों को एबुलेंस के प्रति लोगों को जागरुक करना है। जिससे की एबुलेंस के आने पर सड़क पर वाहन चालक जगह छोड़ दे ताकि एबुलेंस मरीज को लेकर जल्द अस्पताल तक पहुंच सके। ग्रीन कॉरिडोर की तरह एबुलेंस को जगह देने के लिए ट्रैफिक पुलिस अभियान चलाएगी।

शांति मार्च निकाला-
सड़क हादसों में जान गंवाने वाले लोगों की की याद में राहगीरी में शांति मार्च निकाला गया। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। मार्च हुडा सिटी सेंटर से निकाली गई। मृत लोगों की आत्म की शांति के लिए दो मिनट का लोगों ने मौन रखा। हर साल 16 नवंबर को हादसें में मरने वालों की याद में मनाया जाता है। इसी को ध्यान में रखकर इसका आयोजन किया गया था।


इनका हुआ आयोजन
इस दौरान बच्चाों के यौन उत्पीड़न पर क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें विजेता बच्चाों को सम्मानित किया गया। इकसे अलावा डॉग शो, जुम्बा, रोड सेफ्टी पर स्टेज शो, मॉस साइकिल और बाइक रैली निकाली गई। बाइक रैली राहगीरी में होते हुए हाईवे और सिग्नेचर टावर से होते हुए राहगीरी में वापसपहुंची। सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत लोगों को यातायात के नियमों की जानकारी पपेट शो के जरिए दी गई। महिला सेफ्टी पर फ्लैश मॉब, पालीथिन पर स्ट्रीट प्ले, चाइल्ड लेबर पर नाटक की प्रस्तुति, पौधा रोपण,मेडिटेशन, मार्च एगेस्ट चाइल्ड लेबर, लाइट ए साइकिल,योग,गली क्रिकेट,साइकिलिंग,कराटे समेत अन्य कार्यक्रम शामिल है।

ऐसे आई राहगीरी-
कुछ एनजीओ और हेरीटेज स्कूल के छात्रों ने मिलकर पैदल और साइकिल सवारों को लेकर एक प्रोजेक्ट तैयार किया था। छात्रों ने रैली निकालकर पुलिस कमिश्नर आलोक मित्तल,डीसी शेखर विद्याथी और निगम कमिश्नर को ज्ञापन सौपा था। इसके बाद इस पर काम शुरू किया गया।

51 वीं बार हुआ आयोजन-
नॉन मोटर व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए पुलिस,नगर निगम,हुडा और एनजीओ सुशांतलोक के साढ़े चार किलोमीटर में राहगीरी अभियान की शुरूआत की थी। सुशांतलोक में 4.5 किलोमीटर के दायरे से शुरु हुआ था। इस दायरे में अब तक 51 बार किया जा चुका है।


राहगीरी एक नजर में-
16 नंवबर 2013 -सुशांतलोक में साढ़े चार किलोमीटर से हुई शुरूआत
20 अप्रैल- 2014-सुशांतलोक के साथ पालम विहार में राहगीरी की शुरूआत की गई। दायरा 11 किलोमीटर तक।
03 मई- तत्कालीन निगम कमिश्नर प्रवीन कुमार ने राहगीरी को टेक ओवर कर लिया
23 मई- पंजाव एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक सुनवाई में निगम को राहगीरी को पुराने आयोजकों को लौटाने के लिए कहा
सितबंर-निगम पुलिस और एनजीओ ने मिलकर राहगीरी का आयोजन संभाला
सितंबर-को पालम विहार रहागीरी को बंद करना पड़ा

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