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पवार के बयान पर मायावती का पलटवार

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री मायावती ने केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार के बयान पर पलटवार कियाड्ढr है। मायावती ने श्री पवार के लोकसभा में दिए गए उस बयान को निहायत गैर जिम्मेदाराना और गुमराह करने वाला बताया जिसमें उन्होंने कहा है कि ‘केंद्र को उत्तर प्रदेश में सूखा राहत के लिए कोई अलग से प्रस्ताव नहीं मिला है।’ड्ढr बसपा अध्यक्ष ने प्रेस को जारी एक बयान में कहा है कि केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री द्वारा दिया गया बयान देश की जनता और उसकी सर्वोच्च प्रतिनिधि संस्था को गुमराह करने वाला है। उन्होंने माँग की लोकसभा में ऐसे आधारहीन व भ्रामक बयान देने वाले केंद्रीय मंत्री के खिलाफ सदन के विशेषाधिकार हनन की कारवाई की जानी चाहिए। मायावती ने कहा कि गत वर्ष छह दिसम्बर को प्रदेश के राजस्व मंत्री फागू चौहान ने केंद्र सरकार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा।ड्ढr उसके बाद मैने बीती 13 जनवरी को पत्र लिखा। तीसरा पत्र राहत आयुक्त ने 12 मार्च 2008 को केंद्र सरकार को भेजा। इसलिए केंद्रीय कृषि मंत्री का अब यह कहा जाना कि बुंदेलखण्ड क्षेत्र में सूखा राहत के लिए सहायता का कोई भी अनुरोध पत्र प्राप्त नहीं हुआ है, पूरी तरह बेबुनियाद है।ड्ढr मायावती ने आरोप लगाया कि केंद्र की यू.पी.ए. सरकार उत्तर प्रदेश के सूखाग्रस्त बुंदेलखण्ड क्षेत्र के लोगों को राहत पहुँचाने के नाम पर राजनीति कर रही है और केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा दिए गए बयान से केंद्र सरकार का रवैया और अधिक साफ हो गया है। बसपा अध्यक्ष ने कहा कि राजस्व मंत्री के द्वारा केंद्र को भेजे गए पहले पत्र में 7016 करोड़ रुपए के सूखा न्यूनीकरण पैकेज को मंजूर करने का अनुरोध किया गया था। इसके दो माह बाद श्री पवार ने इस पत्र के जवाब में बताया कि बुंदेलखण्ड क्षेत्र की समस्याओं के आकलन और उनके निदान के लिए डा. जे. एस. सामरा के नेतृत्व में एक केंद्रीय दल ने 21 से 24 जनवरी के दौरान समस्याग्रस्त क्षेत्र का भ्रमण भी कर लिया है और इस दल की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद अगली कारवाई की जाएगी।

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