DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बाबा समर्थकों का दावा न गिरफ्तारी न आत्मसमर्पण

बाबा समर्थकों का दावा न गिरफ्तारी न आत्मसमर्पण

पुलिस एवं प्रशासन के लिए गले की फांस बने बरवाला के सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल की देर सायं तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई। सरकार की ओर से भेजे गए भाजपा नेताओं की मध्यस्थता भी कोई काम नहीं आई और भाजपा नेताओं को बैरंग लौटना पड़ा। मध्यस्थता व शांति के सारे रास्ते बंद हो जाने के बाद प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने आश्रम के चारों तरफ घेरा और बढ़ा दिया है। भारी संख्या में पुलिस व आरएएफ के जवान व प्रशासनिक अधिकारी आश्रम के चारों तरफ तैनात है और वे किसी भी समय दबिश देकर रामपाल को हिरासत में लेने की योजना बनाए हुए हैं और पुलिस अपनी कार्रवाही को किसी भी समय अंजाम दे सकती है।

सरकार का दिनभर यही प्रयास रहा कि किसी तरह बातचीत से समस्या का समाधान निकल आए और रामपाल कानून की पालना करते हुए खुद अदालत में पेश होने की बात मान लें। इसी के चलते सरकार ने पहल करते हुए भाजपा विधायक सुभाष बराला, बरवाला से चुनाव लड़ चुके सुरेन्द्र पूनिया व महम से चुनाव लड़ चुके शमशेर खरकड़ा को बातचीत के लिए भेजा, ताकि वे रामपाल को अदालत में पेश होने के लिए मना सके। बताया जाता है कि इन नेताओं ने आश्रम प्रबंधकों व रामपाल से मुलाकात की और उन्हें कानून की पालना करने की सलाह दी लेकिन उनकी अपील कोई काम नहीं आई। मजबूर होकर भाजपा नेताओं को बैरंग लौटना पड़ा। बातचीत का रास्ता बंद हो जाने के बाद पुलिस ने आश्रम के चारों तरफ घेरा मजबूत करना शुरू कर दिया क्योंकि रामपाल को हर हालत में सोमवार को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में पेश किया जाना है।

दोपहर बाद प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने आश्रम का घेरा और कड़ा करते हुए आश्रम के चारों तरफ पुलिस व अन्य जवानों को तैनात कर दिया। पुलिस एवं रोडवेज की सैंकड़ों बसें आश्रम के आसपास तैनात की गई है कि ताकि अनुयायियों को हिरासत में लिए जाने की हालत में उन्हें दूसरे स्थानों पर ले जाया जा सके। प्रशासन ने अपने प्रबंधों के चलते दूसरे जिलों से लगभग आधा दर्जन जेसीबी मशीने भी मंगवाकर तैनात की है और इन मशीनों के चारों तरफ विशेष तरह की जाली ताकि किसी भी आपातकालीन हालत में चालक व पुलिस जवानों को पत्थर आदि की चोटें न लगे। इन्हीं प्रबंधों के चलते हिसार से बरवाला की तरफ जाने वाले रास्तों पर कई-कई नाके लगाए गए हैं और पुलिस के जवान पूरी जांच पड़ताल के बाद ही वाहनों को आगे जाने दे रहे हैं। हिसार रेंज के सभी अस्पतालों को किसी भी आपातकालीन स्थिति में अलर्ट रहने को कहा गया है।

सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल को सोमवार को किसी भी हालत में उच्च न्यायालय में पेश किया जाना है। रामपाल की गिरफ्तारी के प्रयासों के तहत प्रशासन ने शुक्रवार को आश्रम के बिजली व पानी की सप्लाई काट दी थी। इसके अलावा आश्रम में खाद्य सामग्री के आने पर भी रोक लगाई हुई है। बताया जाता है कि कुछ समय तक तो आश्रम प्रबंधकों ने आश्रम में रखे जनरेटर की सहायता से आश्रम को रोशन किया लेकिन तेल के अभाव में वह ज्यादा समय नहीं चल पाया। यह भी चर्चा है कि आश्रम में रूके अनुयायियों के लिए बिस्कुटों का प्रबंध भी किया लेकिन यह व्यवस्था भी चल नहीं पाई। आश्रम का बिजली-पानी काट दिए जाने के बाद आश्रम ने अपने अनुयायियों ने नहाने व कपड़े धोने पर पानी बर्बाद न करने की अपील की थी। बताया जा रहा है कि बाहर से दूध की सप्लाई न होने के कारण आश्रम में मौजूद लोगों को बिना दूध की चाय भी परोसी गई लेकिन सरकार से टकराव आश्रम प्रबंधकों को भारी पड़ता नजर आ रहा है। पुलिस के पास अब दो ही रास्ते हैं। बाबा या तो खुद समर्पण कर दे या उसे गिरफ्तार किया जाए। माना जा रहा है कि पुलिस अलस सुबह बाबा की गिरफ्तारी का एक्शन स्टार्ट करेगी।

अरेस्ट वॉरंट की वजह
इसी साल 14 जुलाई को हिसार अदालत में संत रामपाल की पेशी थी। आरोप के मुताबिक, रामपाल समर्थकों ने उस दिन कोर्ट में काम में व्यवधान डालते हुए हंगामा किया था। इसके विरोध में वकीलों द्वारा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अदालत की अवमानना का केस दाखिल किया गया था। कोर्ट में मामले की तारीख के दौरान संत रामपाल कोई ना कोई बहाना बनाकर दो बार पेश नहीं हुए। इस कारण हाई कोर्ट ने 5 नवंबर को गैर जमानती वॉरंट जारी कर दिया। पुलिस को 1क् नवंबर को संत रामपाल और राम कुमार ढाका को पेश करने के आदेश दिए गए थे। गौरतलब है कि 2क्क्6 के करौंथा रोहतक के सतलोक आश्रम में आर्यसमाज और संत रामपाल समर्थकों के बीच हुए हिंसक संघर्ष में 1 युवक की मौत के बाद से केस जारी है। इसी मामले में 2क्13 में भी हिंसक संघर्ष हुआ था जिसमें 3 की मौत हुई और 1क्क् लोग घायल हुए थे।

वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से पेशी करवाई जाए : प्रवक्ता
दूसरी तरफ रामपाल के अनुयायियों ने मांग की है संत रामपाल की वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए पेशी करवाई जाए। देर सायं आश्रम में बातचीत के लिए पहुंचे भाजपा नेता बलराज कुंडू वे रामपाल व उनके अनुयायियों से बातचीत की। अनुयायियों ने बताया कि संत रामपाल की तबीयत ठीक नहीं है, यदि तबीयत ठीक रही तो संत रामपाल अवश्य हाईकोर्ट में पेश होंगे, अन्यथा खराब तबीयत की हालत में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए पेशी करवाई जाए। आश्रम प्रबंधकों ने बातचीत को सही दिशा में बताया और कहा कि बातचीत सही दिशा में आगे बढ़  रही है।

रामपाल के मामले में सरकार कर रही नोटंकी=किरण चौधरी
विवादित संत रामपाल की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस और बाबा के समर्थकों की तनातनी के बीच कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी ने हरियाणा की भाजपा सरकार पर हमला बोल दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार नौटंकी कर रही है। सरकार की प्रशासन पर पकड़ ही नहीं है। यहीं वजह रही कि अब मामला उनके काबू से बाहर हो रहा है। इस मामले में कांग्रेस की ओर से पहला बयान आया है। किरण चौधरी ने कहा कि सरकार करे देखना चाहिए कि आखिर कैसे हालात यहां तक पहुंचे हैं। इसके लिए गृह विभाग सीधे तौर पर जिम्मेदार है। इतनी पुलिस फोर्स भी एक बाबा को गिरफ्तार नहीं कर पा रही है। प्रदेश में कानून व्यवस्था का दिवाला पिट गया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई गड़बड़ी होती है तो इसके लिए सीधे तौर पर सरकार जिम्मेदार होगी।




रेलवे जंक्शन पर पुलिसबल अलर्ट


बरवाला के सतलोक आश्रम में संत रामपाल की गिरफ्तारी को लेकर बढ़े तनाव के चलते जींद में भी रेलवे पुलिसबल अलर्ट पर रहा। इसके अलावा सामान्य अस्पताल में रविवार होने के बावजूद भी अमरजैंसी सेवाएं बहाल रखी गई। रेलवे जंक्शन पर राजकीय रेलवे पुलिस, आरपीएफ के जवानों और अधिकारी मुस्तैदी से तैनात रहे। आईबी द्वारा रामपाल समर्थकों की भीड़ की आड़ लेकर नक्सिलयों द्वारा किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की चेतावनी के बाद रेलवे जंक्शन पर सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ी किया। रेलवे पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार रेलवे जंक्शन पर हर स्थिति पर नजर बनाए रहे। वहीं डीएसपी देशराज सिंह, आरपीएफ के डीएसपी विनोद त्यागी और 5क्क् से ज्यादा जवान हर आने जाने वाले पर नजर रखे हुए थे। रेलवे जंक्शन पर पुलिस के जवान और अधिकारी मध्य प्रदेश, बिहार तथा ारखंड से आने वाले लोगों पर सबसे विशेष नजर रखे हुए हैं। इन तीनों राज्यों में से ही रामपाल के समर्थक सबसे ज्यादा संख्या में जींद रेलवे जंक्शन पर आते हैं। राजकीय रेलवे पुलिस के पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने रविवार को कहा कि जींद रेलवे जंक्शन पर आने वाले तमाम यात्राी पुलिस के स्कैनर से होकर गुजर रहे हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है और यहां आने वाले लोगों पर 24 घंटे पुलिस की पैनी नजर लगी हुई है। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने कहा कि जंक्शन पर हथियारबंद जवानों की तैनाती की गई है। इसके अलावा हर आने जाने वालों पर नजर रखी जा रही है। यात्राियों के सामान की गहनता से जांच की जा रही है ताकि किसी को हथियार या विस्फोटक यहां लेकर आते ही दबोच लिया जाए।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:बाबा समर्थकों का दावा न गिरफ्तारी न आत्मसमर्पण