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संत रामपाल की गिरफ्तारी के लिए सीआरपीएफ तैनात

संत रामपाल की गिरफ्तारी के लिए सीआरपीएफ तैनात

अदालत की अवमामना के मामले में फंसे हरियाणा के बाबा रामपाल को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस के पास अब बस रविवार का दिन बचा है। हिसार जिले के बरवाला स्थित उनके सतलोक आश्रम के बाहर हजारों  जवान मोर्चा संभाले हैं।

सीआरपीएफ की 15 बटेलियन, आरएएफ की पांच बटेलियन और 1200 सेना के रिटायर्ड जवानों को आश्रम से 300 मीटर दूरी पर तैनात किया गया है। पुलिस ने आश्रम की ओर जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए हैं। वहीं, बाबा कथित रूप से आश्रम में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। जवानों और उन बीच ढाल की तरह खड़े हैं, बाबा समर्थक महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे।
 
हिसार के एसपी ने कहा कि 17 नवंबर की सुबह संत रामपाल को गिरफतार करके कोर्ट में पेश करना है और कोर्ट के आदेश का पूरी तरह पालन किया जाएगा। हरियाणा में हिसार के बरवाला आश्रम में पिछले पंद्रह दिनों से रामपाल के समर्थकों का जमावड़ा है, हथियारबंद समर्थक भी जमा हैं।
 
संत रामपाल पर हत्या और हत्या की कोशिश का आरोप लगा है। इसके अलावा संत रामपाल पर कोर्ट की अवमानना का आरोप भी है। केन्द्र ने स्वयंभू बाबा संत रामपाल के हिसार स्थित आश्रम के आस-पास पैदा तनाव को देखते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीआरपीएफ के 1400 कर्मी हरियाणा भेजे हैं। रामपाल के खिलाफ एक मामले में गिरफ्तारी वॉरंट जारी है।

अधिकारियों ने कहा कि अर्धसैनिक इकाइयां कानून व्यवस्था बनाए रखने में राज्य पुलिस की मदद करेंगी और राज्य में तैनाती के स्थल को लेकर फैसला राज्य पुलिस करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हिसार की स्थिति को देखते हुए 14 कंपनियां हरियाणा भेजी गई हैं। वे राज्य पुलिस की मदद करेंगे।’’

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को रामपाल से अपील की कि वह शांतिपूर्ण तरीके से और बगैर किसी व्यवधान के न्यायालय में पेश हो जाएं। खट्टर ने मीडिया से कहा कि हर किसी को न्याय प्रणाली की मर्यादा बरकरार रखनी है।

खट्टर ने रामपाल के अनुयायियों से अपील की कि वे न्यायालय के निर्देशों के क्रियान्वयन में सहयोग करें।

उच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह पुलिस और हरियाणा सरकार की कड़ी आलोचना की थी और 17 नवंबर को रामपाल को न्यायालय में पेश करने का आदेश दिया था। न्यायालय ने पांच नवंबर को ही रामपाल के खिलाफ गैर जमानती वॉरंट जारी किया था, लेकिन पुलिस उन्हें न्यायालय में पेश नहीं कर पाई।

विवादास्पद संत रामपाल के अनुयायियों ने इस वर्ष जुलाई महीने में हिसार में एक अदालत में उस समय तोड़फोड़ किया था, जब वह वहां हत्या की साजिश के 2006 के एक मामले में पेशी के लिए गए थे।

उच्च न्यायालय ने इस घटना को संज्ञान में लेते हुए रामपाल को न्यायालय में पेश होने का नोटिस जारी किया था।

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