DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

क्लीन चिट दी है तो बेगुनाहों को भी रिहा भी किया जाए : मदनी

जमीयत उलेमा-ए-हिन्द (अरशद मदनी) के तत्वावधान में आयोजित सम्मेलन में देशभर से पहुंचे उलेमा-ए-कराम ने कहा कि मुल्क संविधान से चलेगा, न कि सांप्रदायिकता से। मुल्क के बंटवारे के दौरान फिरकापरस्तों के हिन्दू-मुस्लिम के बीच खड़ी की गई दीवार को दोनों को ही सौहार्द से गिरानी होगी।


शनिवार को कासिमपुरा रोड स्थित जमीयत के कार्यक्रम में अध्यक्षता कर रहे मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि मुल्क की आजादी के 67 सालों में अब तक 20 हजार सांप्रदायिक झगड़े हो चुके हैं। एक तरफ गृह मंत्रलय देश के मदरसों को क्लीन चिट दे रहा है वहीं हजारों बे-गुनाहों को दहशतगर्द के नाम पर सालों से जेल में डाल उनका शोषण किया जा रहा है। जमीयत सियासी जमात नहीं, बल्कि सामाजिक और धार्मिक संगठन है। मदनी ने कहा कि मुल्क के हिन्दू और मुसलमान का रहन-सहन और सामाजिक तरीके एक से हैं। आपस में बिना किसी भेदभाव के रहना चाहिए, लेकिन बदकिस्मती है कि उन्हें फिरकापरस्ती की दीमक चाट रही है। उन्होंने आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि मुसलमानों को मोदी सरकार से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन मोदी सरकार जिसके एजेंडे को आगे बढ़ा रही है वह मुल्क के भाईचारे के लिए खतरनाक हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: क्लीन चिट दी है तो बेगुनाहों को भी रिहा भी किया जाए : मदनी