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किसान उग्र आंदोलन की राह

 गन्ने के समर्थन मूल्य में वृद्धि और बकाया भुगतान की मांग को लेकर किसान उग्र आंदोलन की राह चल पड़े हैं। शनिवार को बहेड़ी और नवाबगंज में गुस्साए किसानों ने भाकियू नेताओं के साथ मिलकर हाइवे जाम कर प्रदर्शन किया। गन्ने की होली भी जलाई। किसान संगठनों ने 21 नवंबर को फरीदपुर की द्वारिकेश चीनी मिल पर महापंचायत कर बरेली-शाहजहांपुर रोड पर चक्का जाम करने का ऐलान भी किया है।
दोपहर में बड़ी संख्या में गन्ना किसान बहेड़ी तहसील पर जमा हुए और भाकियू जिलाध्यक्ष जगतसिंह नेतृत्व में नैनीताल रोड पर जाम लगाकर सरकार विरोधी प्रदर्शन किया। किसान 445 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गन्ने का समर्थन मूल्य घोषित करने और चीनी मिलों पर बकाया भुगतान तुरंत दिलाने की मांग कर रहे थे। नवाबगंज में किसानों ने भाकियू (टिकैत गुट) के नेता बाबूराम गंगवार, भाकियू (हरपाल गुट) के नेतृत्व में पीलीभीत रोड पर जाम लगाया और गन्ना जलाकर विरोध जताया।

जलाया मुख्यमंत्री का पुतला
लखीमपुर-खीरी। भाजपा किसान मोर्चा पदाधिकारियों ने किसानों की समस्याओं को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। गन्ना मूल्य न बढ़ाए जाने और बकाया भुगतान न होने से आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने शनिवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का पुतला जलाया और नारेबाजी की।

पीलीभीत में किसानों ने लगाया जाम
भाकियू के प्रांतीय आह्वान पर राज्य सरकार के घोषित गन्ना मूल्य के विरोध में प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर मंडी समिति गेट के सामने चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। भाकियू कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप गन्ने की होली जलाई। कार्रवाई किए जाने के आश्वासन पर चक्काजाम खोला गया।

बदायूं में हाइवे पर बैठे किसान
भाकियू और बीकेडी गन्ना मूल्य वृद्धि न करने के विरोध में प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट तिराहा पर जाम लगा दिया। इससे आधे घंटे के लिए बरेली-आगरा हाइवे जाम हो गया। किसान नेताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को दिया।

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