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बनारस में बीएचयू के छात्रों ने स्मृति ईरानी का घेराव किया

काशी विद्यापीठ में आयोजित संगोष्ठी का शनिवार को उद्घाटन करने आईं मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी का बीएचयू के छात्रों ने घेराव किया। छात्रसंघ बहाली के लिए नारेबाजी की। मंत्री की कार रोक दी। अन्तत: मंत्री ने कार से निकलकर ज्ञापन लिया। उनसे समुचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर छात्र हटे। इस दौरान पुलिसकर्मियों को व्यवस्था संभालने में पसीने छूट गए। मंत्री भी एकबारगी अफसरों पर झुंझला गईं।


विद्यापीठ के गांधी अध्ययन पीठ सभागार में आयोजित गोष्ठी को संबोधित करने के बाद स्मृति जैसे ही कार की ओर बढ़ीं, आईसा, समाजवादी छात्रसभा और राष्ट्रीय छात्र संगठन से जुड़े छात्रों ने उन्हें रोक लिया। यहां पुलिसकर्मियों ने उन्हें घेर कर आगे बढ़ाया। पोर्टिको तक आते-आते छात्रों ने फिर दबाव बनाया तो वहां मौजूद डीआईजी के संकेत पर पुलिसकर्मियों ने छात्रों को पीछे धकेला। भगदड़ का माहौल बनता दिखा। मंत्री की कार पीठ से बाहर निकली ही थी कि छात्र आगे आ गए और नारेबाजी करने लगे।


कुछ क्षण बाद स्मृति कार से निकलीं। छात्रों की बात धैर्य से सुनी और गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जल्दी ही बीएचयू में वाइसचांसलर की नियुक्ति कर दी जायेगी और वह इस मामले पर फैसला करेंगे। उनके साथ विधायक रवीन्द्र जायसवाल भी थे। ज्ञापन देने वाले छात्रों में छात्र परिषद के पूर्व महासचिव विकास सिंह के अलावा राकेश उपाध्याय, कमलेश प्रताप सिंह, आशीष राय, हर्षित सिंह, राहुल राज सिंह, अंबुज राय, मयंक शुक्ला, शांतनु उपाध्याय, कमलेश यादव, कविता, मिली, छाया, सरिता पटेल, अजीत मद्धेशिया, नागेंद्र, सुजीत मौर्य, तसलीमा, सुजीत, परवीन आदि थे।

तलवार लहराने से स्मृति ईरानी का उभरा कॉलर बोन का दर्द

मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के कॉलर बोन का दर्द शनिवार को काशी विद्यापीठ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उभर गया। उन्हें दो दिन से यह दिक्कत है। स्मृति के स्वागत के क्रम में काशी विद्यापीठ छात्रसंघ के पदाधिकारियों ने तलवार भेंट की। चैनलों व अखबारों के छायाकारों की मांग पर उन्होंने दायें हाथ से तलवार लहरा दी। इससे उनका दर्द उभर आया और वह मंच के पीछे बने कमरे में चलीं गईं। वहां उन्होंने पप्ता लगाया और लौटीं। उद्बोधन की शुरुआत करते हुए बोलीं-‘कॉलर बोन टूट गया है। कल अस्पताल में थी। डॉक्टरों ने आराम की सलाह दी मगर बाबा विश्वनाथ के बुलाने पर कैसे न आती! युवाओं के बीच मैं एक अकेली महिला। कैसे चुप रह सकती थी, तलवार उठाना ही पड़ा।’ उन्होंने टूट हाथ से काशी के विद्वानों को प्रणाम न कर पाने पर क्षमा याचना भी की।

देव दर्शन और गंगा पूजन
मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृ़ति ईरानी ने अपने पति जुबिन ईरानी के साथ शनिवार शाम विश्वनाथ मंदिर पहुंचीं। ईरानी दंपती ने आचार्य देवी प्रसाद द्विवेदी के निर्देशन में 21 लीटर दूध से बाबा का अभिषेक किया। इसके बाद दशाश्वमेध घाट पहुंचीं। वहां गंगोत्री सेवा निधि के अध्यक्ष किशोरीरमण दुबे बाबू महराज ने गंगा पूजन करवाया। इसके बाद महापौर रामगोपाल मोहले और विधायक  रवीन्द्र जायसवाल के साथ अस्सी से राजघाट के बीच नौका विहार किया। इस दौरान पंचगंगा घाट पर उन्होंने कबूतरों को दाना भी खिलाया। ईरानी दंपती ने काशी यात्रा का समापन संकटमोचन मंदिर में दर्शन पूजन के साथ किया।

रोके गए आम श्रद्धालु
काशी विश्वनाथ मंदिर में स्मृति ईरानी के दर्शन-पूजन के दौरान आम श्रद्धालु लगभग सवा घंटे तक गर्भगृह के बाहर ही रोक दिए गए। मंदिर परिसर में प्रवेश करने पर मानव संसाधन मंत्री ने श्रद्धालुओं की भीड़ देखी तो आचार्य से शीघ्र पूजन कराने को कहा मगर साथ के ब्रा2ाणों ने कहा कि कोई दिक्कत नहीं होगी। मंत्री को तो दिक्कत नहीं हुई, आम श्रद्धालु जरूर क्षुब्ध हुए।

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