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स्मृति ईरानी से मिलने की ललक में धक्कामुक्की




मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी की शनिवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में उपस्थिति की सूचना पर छात्र-छात्रओं और अध्यापकों के अलावा बाहर से भी काफी लोग जुटे थे। गांधी अध्ययन पीठ के सभागार में कुर्सियां कम पड़ गईं। अनेक लोगों को बाहर खड़ा रहना पड़ा। उदघाटन सत्र खत्म होने के बाद मानव संसाधन मंत्री और डा. कृष्णगोपाल को कुलपति डॉ. पृथ्वीश नाग अपने साथ लेकर अतिथि कक्ष की ओर बढ़े तो उत्सुक छात्र-छात्रओं का हुजूम भी पीछे हो लिया। सभी स्मृति से मिलने और बात करने को व्यग्र दिखे। इसके चलते दो बार धक्कामुक्की की स्थिति पैदा हो गई। अंत में पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। वहीं सभागार के मंच से प्रेस दीर्घा तक रेल नीर का बोतलबंद पानी चर्चा का विषय रहा। रेलवे की ओर से हुई इस व्यवस्था पर लोगबाग चुटकियां लेते दिखे।

बीपीएडधारकों ने मांगी स्थायी नियुक्ति
 प्रशिक्षित बीपीएड संघर्ष मोर्चा से जुड़े सदस्यों ने मानव संसाधन विकास मंत्री से मुलाकात कर स्थायी नियुक्ति देने की मांग की। उन्हें इससे संबंधित ज्ञापन दिया गया। इसमें कहा गया है कि केंद्रीय अनिधियम में बच्चाों को शारीरिक शिक्षा का अधिकार दिया गया है, लेकिन हर सौ बच्चाे पर एक शिक्षक के नियम के कारण यह प्रभावी नहीं हो रहा, क्योंकि ज्यादातर स्कूलों में बच्चाों की इतनी संख्या नहीं हो पा रही है।

दक्षिणी परिसर महामना के नाम पर हो
जनकल्याण फाउंडेशन के प्रतिनिधिमंडल ने मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी से मुलाकात कर बीएचयू के मिर्जापुर में बरकछा स्थित राजीव गांधी दक्षिणी परिसर को महामना पं. मदन मोहन मालवीय के नाम पर करने की मांग की है। इससे सम्बन्धित ज्ञापन भी दिया गया। प्रतिनिधिमंडल में डॉ. संजय सिंह गौतम, डॉ. अजयेंद्र दुबे, डॉ. आनन्द सिंह, रूपेश, नीरज, प्रथमेश, संजीव, बृजेश, श्रवण, मनोज, इंद्रेश, वीरेंद्र आदि थे।

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