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एएमयू प्रशासन हाईकोर्ट में बायोमेट्रिक कार्ड का सहारा ले सकती है

एएमयू प्रशासन विमेंस कॉलेज की छात्रओं को मौलाना आजाद लाइब्रेरी की सदस्यता के मामले में हाईकोर्ट में खुद को बचाने के लिए बायोमेट्रिक कार्ड को कवच बना सकती है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका की अगली सुनवाई में यह ट्रंप कार्ड खेला जा सकता है। वीसी जमीरउद्दीन शाह ने ‘हिन्दुस्तान’ से बातचीत में कहा, ‘यूनिवर्सिटी पर हमले होते हैं। उसका मुकाबला करेंगे। बायोमेट्रिक कार्ड यूनिवर्सिटी बना रही है। उसमें एक कार्ड से यूनिवर्सिटी की सारी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। चाहे वो मौलाना लाइब्रेरी की सदस्यता क्यों न हो।’

इलाहाबाद हाईकोर्ट में दीक्षा द्विवेदी ने एएमयू की मौलाना आजाद लाइब्रेरी में विमेंस कॉलेज की छात्रओं के प्रवेश पर रोक के आरोप में जनहित याचिका दायर की थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने एएमयू वीसी और रजिस्ट्रार को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। शनिवार को वीसी जमीरउद्दीन शाह ने नोटिस के जवाब को लेकर मंथन किया। ‘हिन्दुस्तान’ ने इस मामले में वीसी शाह से बात की तो उन्होंने बताया इस तरह के हमले यूनिवर्सिटी पर होते रहते हैं। उनका मुकाबला करेंगे। इसी संदर्भ में उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी में इस साल से बायोमेट्रिक कार्ड बनाए जा रहे हैं। इससे सारी सुविधाएं मिलेंगी। मौलाना आजाद लाइब्रेरी की सुविधा भी उस कार्ड से ऑटोमेटिक मिलेगी। यह भी कहा कि बायोमेट्रिक कार्ड से हर छात्र के पास लाइब्रेरी की दोहरी सदस्यता होगी।

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