DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

गांधी ने मेरे जीवन को बहुत प्रभावित किया

निर्देशक राजकुमार हिरानी की फिल्म पीके अगले महीने रिलीज होने वाली है,  जिसमें आमिर खान लीड रोल में हैं। इस फिल्म के एक पोस्टर को लेकर हंगामा मचा,  पर हमेशा की तरह वह चुप रहे। हिरानी का मानना है कि हर बात पर बयान-सफाई देना जरूरी नहीं है। 100-200 करोड़ी क्लब की स्पर्धा को अहम,  पर अनिवार्य नहीं मानने वाले राजू की अगली फिल्म अभिनेता संजय दत्त की जिंदगी पर आधारित होगी। उनसे बात की मुख्य संवाददाता विशाल ठाकुर ने। 

आप इतनी कम फिल्में क्यों बनाते हैं?
(हंसते हुए..)  इसके कई कारण हैं। पहली बात तो यह कि मैं अपनी फिल्मों की कहानी खुद लिखता हूं। फिल्म का निर्देशन भी खुद करता हूं। उसके संपादन व गीत-संगीत पर मेरा फोकस रहता है। एक फिल्म में मेरा काम काफी बढ़ जाता है। अब इतनी सारी चीजों पर बारीकी से ध्यान देने के लिए समय की जरूरत होती है। मेरा शुरू से मानना रहा है कि अगर बढ़िया प्रोडक्ट निकालना है,  तो उसे पूरा समय देना होगा। इसलिए अन्य की तुलना में मेरी फिल्मों में थोड़ा ज्यादा समय लगता है।

क्या आमिर खान की वजह से फिल्म ज्यादा लेट नहीं हुई?
किसी की वजह से फिल्म लेट हुई या क्या हुआ,  इस बारे में मैं क्या कहूं?  हां, यह है कि बरसों बाद आमिर ने एक साथ दो-तीन प्रोजेक्ट पर काम किया है। पीके शुरू हो चुकी थी,  जबकि धूम 3  का काफी काम बचा हुआ था। सो, पहले धूम 3 के काम पूरे किए गए। फिर सत्यमेव जयते भी था। फिर इधर हम अपनी स्क्रिप्ट में भी कुछ नया शामिल कर रहे थे। बीच में संजय दत्त के कई सीन्स शूट होने में देरी हुई। मैं कहना चाहूंगा कि कई सारे कारण थे।

3 इडियट्स से इंडस्ट्री ने फिल्म प्रमोशन की नई भाषा सीखी। इस बार क्या करेंगे?
आपका इशारा पीके के प्रमोशन से है,  तो मैं कहना चाहूंगा कि हर फिल्म अपने प्रमोशन का रास्ता खुद बनाती है। 3 इडियट्स के मामले में ऐसा ही हुआ था। उस फिल्म की डिमांड के अनुसार,  उसका वैसा ही प्रमोशन किया गया था। लेकिन पीके इस मामले में बेहद अलग है। पीके के प्रमोशन की डिमांड 3 इडियट्स जैसी नहीं है। इसलिए हम पीके  का प्रमोशन उस ढंग से कर भी नहीं रहे हैं।

यानी आप 3 इडियट्स की तुलना में पीके को कम प्रमोट कर रहे हैं?

ऐसा नहीं है। बात कम या ज्यादा की भी नहीं है। पीके को लेकर हमारी रणनीति कुछ अलग की चल रही है। पीके का प्रमोशन अग्रेसिव नहीं है,  क्योंकि यह फिल्म की डिमांड नहीं है। पिछले कुछ महीनों से हम सिर्फ फिल्म के पोस्टर जारी कर रहे हैं। आमिर,  संजय दत्त व अनुष्का के कई पोस्टर लांच किए जा चुके हैं। फिर हमने फिल्म का पहला गाना रिलीज किया। ऐसी सहज चीजें आगे भी जारी रहेंगी।

फिल्म की कहानी,  आमिर के लुक,  एलियन किरदार के बारे में कितनी सच्चाई है?
यह हमारी रणनीति का हिस्सा है कि हम फिल्म की कहानी,  उसके किरदार आदि के बारे में कुछ नहीं बताएंगे। हमारी टीम का निर्णय था कि फिल्म की हर रोचक चीज को गुप्त रखा जाएगा,  ताकि जब लोग थियेटर में आएं,  तो फिल्म देखकर दंग रह जाएं। एलियन वगैरह के किरदार के बारे में मीडिया में जो कहा-सुना जा रहा है,  वह कितना सही या गलत है,  यह फिल्म देखकर आपको पता चल जाएगा। मैं कोई खुलासा नहीं करना चाहता।

कहीं बहुत अच्छा करने के चक्कर में ऐसा न हो कि दर्शक ज्यादा सरप्राइज हो जाएं और उन्हें लगे कि यही है पीके  का आमिर!
नहीं ऐसा नहीं होगा। मैं जब लगान देखने गया था,  तो मुझे सिर्फ इतना पता था कि वह एक गांव की फिल्म है। मैं बड़ा खुश था कि बहुत दिनों से गांव की कहानी नहीं देखी,  मजा आएगा। लेकिन जब फिल्म में क्रिकेट मैच देखा,  तो मैं चकित हो गया। हमारी कोशिश भी कुछ ऐसी ही है।

धूम 3  के मामले में भी ऐसी ही रणनीति अपनाई गई थी। उसमें भी आमिर खान थे। लगान  भी आमिर की फिल्म थी। क्या यह सब आमिर की वजह से हो रहा है?
ऐसा नहीं है। यह संयोग है कि इस पूरे सीन में आमिर का स्केच नजर आ रहा है।

अच्छा पीके  के बाद अगली फिल्म कौन-सी होगी?
संजय दत्त पर फिल्म बनाने की इच्छा है। संजू की जिंदगी बेहद रोचक है। दुनिया ने सिर्फ फिल्मों वाला संजू बाबा देखा है। उसकी जिंदगी में क्या-क्या हुआ,  उसने क्या-क्या भुगता,  यह लोगों को नहीं पता। उसी पर काम करूंगा।

आप शुरू से विधु विनोद चोपड़ा के साथ काम रहे हैं। और के साथ क्यों नहीं?
अगर सोचिए,  सात-आठ साल पहले मैं किसी निर्माता के पास एक कहानी लेकर जाता हूं और उससे कहता हूं कि मैं गांधीगिरी पर फिल्म बनाना चाहता हूं,  उसमें हीरो एक एक्शन स्टार है। या फिर इससे थोड़ा और पीछे चलिए। 10-11 साल पहले मैं किसी को कहता कि मेरे पास एक अस्पताल की कहानी है और मैं समाज को कोई संदेश देना चाहता हूं,  मेरा हीरो संजय दत्त हैं,  साथ में नई लड़की है,  तो आप सोच भी नहीं सकते कि इंडस्ट्री में ऐसी बातों को कैसा रिस्पांस मिलता। लेकिन विधु विनोद चोपड़ा ने हर बार मेरे कॉन्सेप्ट की कद्र की और उसे समझा। हमारी ट्यूनिंग आज तक बनी हुई है। फिर मैं क्यों किसी और के दरवाजे पर जाऊं?

क्या आप गांधीजी से काफी प्रेरित हैं?
हां,  मैं गांधीजी से काफी प्रेरित हूं। मुन्नाभाई एमबीबीएस के दौरान इसकी शुरुआत हुई थी। लगे रहो मुन्नाभाई  के दौरान तो मैं गांधी में डूबा हुआ था। फिल्म-लेखक अभिजात जोशी ने मेरी मदद की। मैं उनसे गांधी के बारे में एक बात पूछता,  वह चार बताते। रिचर्ड एटिनबरो की फिल्म गांधी से मैं बहुत प्रभावित था।

पूरे देश में स्वच्छता अभियान चल रहा है। क्या कहेंगे?
यह बहुत अच्छा अभियान है,  जिसे हर इंसान को संकल्प की तरह लेना चाहिए।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:गांधी ने मेरे जीवन को बहुत प्रभावित किया