DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

छत्तीसगढ़ नसबंदी मामला: सिप्रोसिन में मिली थी चूहामार दवा

छत्तीसगढ़ नसबंदी मामला:  सिप्रोसिन में मिली थी चूहामार दवा

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर सिप्रोसिन में चूहामार दवा मिली होने की पुष्टि की है। इसी रिपोर्ट के आधार पर महावर फार्मा कंपनी की 43 लाख 34 हजार टैबलेट जब्त किया गया है।

डॉ. शुक्ला ने अपोलो में कहा कि पेंडारी और गौरेला के नसबंदी शिविरों में ऑपरेशन के बाद महिलाओं को सिप्रोसिन 500 एमजी टैबलेट भी दिया गया था। जांच में यह सामने आया है कि सिप्रोसिन में जिंक फास्फाइड की ज्यादा मात्रा मिली हुई है। जिंक फास्फाइड का उपयोग चूहे मारने की दवा में किया जाता है। इसलिए प्रथम दृष्टया कहा जा सकता है कि जिंक फास्फाइड के कारण महिलाओं की हालत बिगड़ गई।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा मेसर्स महावर फार्मा प्राइवेट लिमिटेड (रायपुर) द्वारा निर्मित सभी प्रकार की दवाओं की खरीद-बिक्रीपर प्रतिबंध लगा दिया गया है और आम जनता से अपील की गई है कि कोई भी व्यक्ति महावर फार्मा की किसी भी प्रकार की दवा का सेवन न करें। यह उनके स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकता है।

डॉ. शुक्ला ने कहा कि दवा के नमूने जांच के लिए कोलकाता,  दिल्ली और नागपुर की लैब में भेजे गए हैं। साथ ही जिन महिलाओं की इस दवा के सेवन से मृत्यु हुई है,  उनकी बिसरा जांच के लिए भेजी गई है। इन संस्थानों से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही अंतिम रूप से यह बताया जा सकेगा कि महिलाओं का स्वास्थ्य किस कारण से बिगड़ा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:छत्तीसगढ़ नसबंदी: सिप्रोसिन में मिली थी चूहामार दवा