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स्मार्ट सिटी बनाने का ब्लू प्रिंट तैयार

साइबर सिटी को मोदी के सपनों की स्मॉर्ट सिटी बनाने के लिए आईटी इंडस्ट्री के कई बड़े दिग्गज शनिवार को एक मंच पर एकत्रित हुए। सभी ने अपने-अपने हिसाब से स्मॉर्ट सिटी के मायने बताते हुए कहा कि गुड़गांव में अभी बहुत सुधार की जरुरत है। सेमिनार में मुख्य अतिथि के तौर शामिल हुई भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव सुधा यादव ने कहा कि स्मॉर्ट सिटी का सपना सिंगल विंडो के बिना साकार नहीं हो सकता।

स्मॉर्ट सिटी गुड़गांव का ब्लू पिंट्र तैयार करने की कवायद में जुटी हरियाणा आईटी एंड एनेबलड इंस्डस्ट्रिज कंफेडेरशन द्वारा आयोजित सेमिनार में सुधा ने कहा कि जैसा विकास गुड़गांव का हुआ है ऐसा किसी शहर का न ही हो तो अच्छा है। यहां की समस्याओं का कारण प्लानिंग की कमी है। गुड़गांव का विकास लोगों का अपना प्रयास है। जिसने जहां चाहा मकान बना लिया और कंपनी खोल ली। सरकार ने भी बिना किसी योजना के धड़ल्ले से अनुमति दी। हाल यह है कि कहीं सड़क नहीं है तो, कहीं सीवर लाइन नहीं है। सबसे बड़ी समस्या पीने के पानी की है। मिलेनियम और साइबर सिटी जैसे नामों से पहचान बना चुके गुड़गांव की अंदरूनी हालत बहुत खोखली है। यहां पर टेक्नोलॉजी संबंधित विकास कम और आधारभूत सुविधाएं ज्यादा चाहिए। शहर में बिजली, पानी, सीवर, पार्क, ट्रैफिक जाम से निजात चाहिए। यह सब दूर होगा सिंगल विंडो सिस्टम से। जहां हर विभाग की समस्या एक जगह हल हो सके। लोगों को इधर से उधर भागते न रहना पड़े। प्रदेश सरकार जल्दी ही गुड़गांव में सिंगल विंडो सिस्टम लागू करेगी।

समस्याओं से भरा है गुड़गांव
देश के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. एसवाईएस कुरैशी ने कहा कि गुड़गांव समस्याओं से भरा पड़ा है। ऐसे गुड़गांव की कल्पना किसी ने नहीं की थी। इससे बेहतर नोएडा है। तेजी से आईटी हब के तौर पर विकसित हुए गुड़गांव की रफ्तार अब थम गई है। अगर गुड़गांव को सुधारना है तो जल्दी ही सरकार, कंपनियों और जनता को मिल कर प्रभावी कदम उठाने पड़ेंगे। गुड़गांव को स्मॉर्ट सिटी बनाना अन्य शहरों के मुकाबले आसान है। यहां पर काफी कुछ स्मॉर्ट सिटी जैसा पहले से ही है। कुछ व्यवस्थाओं को सुधार लिया जाए तो स्मॉर्ट सिटी गुड़गांव का सपना जल्दी ही पूरा हो सकेगा। नैसकॉम हरियाणा चैप्टर के अध्यक्ष एवं फिडेलिटी वर्ल्डवाइड इनवेस्टमेंट कंपनी के एमडी नितिन सेठ ने कहा कि गुड़गांव काफी महंगा हो गया है। यहां पर स्कीलड लोगों की भी कमी है। कई समस्याएं ऐसी हैं जो कंपनियों को गुड़गांव में आने से रोक रही हैं। इसके बावजूद सरकार का कोई ध्यान नहीं है। नोएडा की तर्ज पर जब तक गुड़गांव में जीडीए का निर्माण नहीं होता तब तक समस्याओं का हल नहीं हो सकता।

ऐसी हो स्मॉर्ट सिटी
हाईटेक के सदस्य मनीष गुप्ता ने विदेश की कई स्मॉर्ट सिटी का मॉडल भी पेश किया और उसे गुड़गांव से जोड़ने का प्रयास किया। मनीष ने कहा कि जब सभी लोगों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिल जाएंगी, 24 घंटे पानी और बिजली मिलेगी, स्वास्थ्य सेवाओं तक सभी लोगों की आसानी से पहुंच होगी, सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था बेहतर होगी, ट्रैफिक जाम नहीं लगेगा, वातावरण में प्रदूषण कम होगा तभी गुड़गांव स्मॉर्ट सिटी बन पाएगा। इस अवसर पर हाईटेक के प्रदीप यादव, कई कंपनियों के सीईओ और एमडी उपस्थित थे।

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