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स्पॉट फिक्सिंग मामला : श्रीनिवासन को ‘सुप्रीम’ झटका

स्पॉट फिक्सिंग मामला : श्रीनिवासन को ‘सुप्रीम’ झटका

स्पॉट फिक्सिंग मामले में मुद्गल समिति की रिपोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई की सालाना आम सभा (एजीएम) पर भी रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई 24 नवंबर को होगी। इसे देखते हुए बोर्ड ने 20 नवंबर को होने वाली एजीएम रद्द कर दी क्योंकि कोर्ट ने इस दिन होने वाले चुनाव में एन. श्रीनिवासन के खड़े होने को हरी झंडी नहीं देकर उन्हें तगड़ा झटका दिया। इससे उनके बोर्ड अध्यक्ष पद पर काबिज होने का सपना चूर हो गया।

शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान बीसीसीआई के वकील सीए सुंदरम ने 20 नवंबर को प्रस्तावित एजीएम और बोर्ड के चुनाव में श्रीनिवासन को भाग लेने की इजाजत देने की मांग की। इस पर दो सदस्यीय पीठ के जस्टिस टीएस ठाकुर ने साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, हम आपको इस मामले के खत्म होने तक इसकी इजाजत नहीं दे सकते। 

श्रीनिवासन को बेटे ने ही फंसाया
श्रीनिवासन को फंसाने में उनके समलैंगिक बेटे अश्विन की बड़ी भूमिका है। उन्होंने ही पिता और अपने जीजा गुरुनाथ मयप्पन के खिलाफ मोर्चा खोला और कई अहम सुराग दिए। अश्विन की हरकतों से नाराज श्रीनिवासन उन्हें घर से निकालने के अलावा जायदाद से भी बेदखल कर चुके हैं। मयप्पन को उन्होंने पुत्र के सारे अधिकार दे रखे हैं। यही अश्विन की नाराजगी की सबसे बड़ी वजह हैं।

अश्विन अपने पिता पर कई गंभीर आरोप भी लगाते हैं। वह कहते हैं कि उनके पिता से पूछा जाना चाहिए कि वह निजी विमान से दुबई क्या करने जाते हैं और उनके साथ गोल्फ खेलने वाले कौन लोग हैं? ऐसे कई संकेत श्रीनिवासन और गुरुनाथ के गले की फांस बने। 

यह संविधान उल्लंघन : वर्मा
वार्षिक बैठक और दोबारा चुनाव टाले जाने को बिहार क्रिकेट संघ के सचिव आदित्य वर्मा ने बीसीसीआई के संविधान का उल्लंघन बताया। वर्मा ने कहा, यह कदम श्रीनिवासन को तीसरे कार्यकाल के लिए अध्यक्ष निर्वाचित करने के मकसद से उठाया गया है।

सामने आएगा सच: सनी
पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने कहा कि आईपीएल स्पॉट फिक्िसंग मामले से जुडम्ी काफी बातें भी साफ हो जाएंगी। मुङो लगता है कि यदि एजीएम स्थगित कर दी गयी है तो कोर्ट दो सप्ताह में अपनी कार्रवाई पूरी कर देगा। अब जल्द ही सच सामने आएगा। 

कब क्या हुआ
अक्तूबर 2013
सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस मुकुल मुद्गल को स्पॉट फिक्सिंग मामले की जांच सौंपी

फरवरी 2014
जांच समिति ने रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी। इसमें मयप्पन और राज कुंद्रा पर सट्टेबाजी के आरोप थे।

मार्च
बीसीसीआई ने कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल कर कहा कि मयप्पन चेन्नई सुपरकिंग्स के मालिक नहीं हैं।

मई
जस्टिस मुद्गल की अध्यक्षता में हाई पावर कमेटी का गठन। इसे रिपोर्ट की सत्यता जांचने का जिम्मा मिला।

जून
पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को जांच कमेटी में शामिल होने के लिए कहा गया।

अगस्त
जांच कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में अंतरिम रिपोर्ट सौंपी।

सितंबर
कोर्ट ने जांच कमेटी को अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए दो अतिरिक्त महीने का समय दिया।

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