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आडवाणी आए, अगवानी में कोई बड़ा नेता नहीं

आडवाणी आए, अगवानी में कोई बड़ा नेता नहीं

भाजपा के अस्तित्व में आने के ढाई दशक में शायद यह पहला मौका था जब लालकृष्ण आडवाणी पटना हवाई अड्डा पर पधारे हों और पार्टी की प्रदेश इकाई का कोई दिग्गज नेता उनकी अगवानी में वहां मौजूद न हो। एक दौर था जब श्री आडवाणी भाजपा के लौहपुरुष कहे जाते थे। बिहार से उनका गहरा सरोकार भी रहा है। अयोध्या आंदोलन के दौरान बिहार में ही उन्हें गिरफ्तार किया गया था। तब लालकृष्ण आडवाणी के आगे-पीछे बिहार के बड़े नेताओं की कतार लगी रहती थी।

पटना में शुक्रवार को पत्रकारों के एक सवाल पर उनका जवाब भी काबिले गौर है। उनसे पूछा गया कि क्या प्रधानमंत्री नहीं बनने का उन्हें मलाल है? श्री आडवाणी ने जवाब में कहा नहीं, कोई मलाल नहीं है। जो आदर और सम्मान मुझे सभी दलों से संसद में मिल रहा है, उससे मैं अभिभूत हूं। उन्होंने अपनी पार्टी में मिल रहे सम्मान का अलग से उल्लेख नहीं किया।

याद रहे कि इसी आशय का सवाल 6 दिसंबर 1997 को जब आडवाणी से पूछा गया था तो उन्होंने कहा था कि अयोध्या आंदोलन का भाजपा को बहुत फायदा हुआ, मगर मुङो व्यक्तिगत नुकसान हुआ। आडवाणी शुक्रवार को जब पटना पहुंचे तो उनकी आगवानी में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय को छोड़ भाजपा का कोई बडम नेता हवाईअड्डा या होटल में मौजूद नहीं था।

होटल में पूर्व मंत्री सुखदा पांडेय जरूर पहुंची थीं। पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी बांका और पार्टी विधायक दल के नेता नंदकिशोर यादव राजगीर में अपने-अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों में शिरकत कर रहे थे। पूर्व मंत्री और बक्सर से सांसद अश्विनी कुमार चौबे पटना पहुंचे जरूर, मगर शाम को।

पूर्व उप प्रधानमंत्री के स्वागत में बुलाई गई बैंड पार्टी की धुन फिजां में तैर रही थी, ‘कर चले हम फिदा जानो तन साथियों, अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों. और ‘ऐ मेरे वतन के लोगों जरा आंख में भर लो पानी जो शहीद हुए हैं उनकी जरा याद करो कुर्बानी..।’ लोग वयोवृद्ध नेता की आगवानी के इस अंदाज का निहितार्थ अपनी-अपनी सहूलियत के हिसाब से निकाल रहे थे।
काबिलेगौर है कि आडवाणी के पटना पहुंचने के कुछ ही देर बाद हाल ही में नरेन्द्र मोदी मंत्रिमंडल में शामिल किए गए तीन केन्द्रीय राज्य मंत्री - राजीव प्रताप रुडी, गिरिराज सिंह और रामकृपाल यादव भी पहुंचने वाले थे। उनके स्वागत में भाजपा कार्यकर्ताओं का जोश देखते बन रहा था।

वीआईपी लाउंज में आडवाणी से मिलने वालों में मंगल पांडेय के अलावा पूर्व मंत्री सत्यदेव नारायण आर्य, आरा विधायक और विधानसभा उपाध्यक्ष अमरेन्द्र प्रताप सिंह, पूर्व विधान पार्षद गंगा प्रसाद, विधायक उषा विद्यार्थी, प्रेमरंजन पटेल, विधान पार्षद सत्येन्द्र कुशवाहा, संजय मयूख, प्रदेश महामंत्री सुधीर शर्मा आदि मौजूद थे।

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