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पुलिसिंग को आधुनिक बनाने की कवायद तेज हो

 प्रदेश में आधुनिक पुलिसिंग के जरिये कानून-व्यवस्था कायम करने की कवायद पर ड्राइवरों की कमी का ग्रहण सा लगता दिख रहा है। दरअसल, जहां चार जिलों इलाहाबाद, गाजियाबाद, नोएडा और लखनऊ में बनने वाले आधुनिक पुलिस कंट्रोलरूम को संसाधनों से लैस करने की रफ्तार धीमी है, वहीं कंट्रोलरूम में तैनात की जाने वाली पुलिस मोबाइल वैनों को चलाने के लिए ड्राइवर नहीं मिल रहे।

प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह देबाशीष पंडा ने इसे गंभीरता से लेते हुए कंट्रोलरूमों को बनाने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों और आईजी जोन को निर्देश भेजे गए हैं कि सभी जरूरी उपकरणों और संसाधनों से पुलिस कंट्रोलरूमों को हर हाल में 31 दिसंबर तक लैस कर दिया जाए। लखनऊ में वैसे तो पुलिस कंट्रोलरूम बन कर तैयार है, सारी तैयारियां भी पूरी हैं लेकिन वाजिब संख्या में पुलिस ड्राइवर नहीं मिल रहे।

प्रमुख सचिव गृह ने एक बैठक कर आईजी स्थापना वितुल कुमार को विभिन्न पुलिस इकाइयों से ड्राइवरों का आधुनिक कंट्रोलरूम में तैनात करने को कहा है। इसके अलावा लखनऊ, इलाहाबाद और मेरठ जोन के आईजी से कहा गया है कि अपने जिलों से ड्राइवर की भी व्यवस्था करें। डीजीपी ने सभी कंट्रोलरूम को 31 दिसंबर तक शुरू करने के लिए आईजी तकनीकी सेवा डी. प्रकाश के नेतृत्व में एक टीम बनाई है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वह हर सप्ताह पुलिस कंट्रोलरूमों का दौरा करेंगे और जो भी कमी होगी उसे दूर करने के लिए रिपोर्ट देंगे।

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  • Web Title:पुलिसिंग को आधुनिक बनाने की कवायद तेज हो