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शीतकालीन सत्र हंगामे की भेंट चढ़ा

उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन शुक्रवार को विपक्ष ने सदन में कानून व्यवस्था व गन्ना किसानों की बदहाली का सवाल उठाया। इसके चलते सदन में खासा शोरशराबा व हंगामा हुआ।

मुख्य विपक्षी दल बसपा ने जहां सरकार विरोधी नारे लगाते हुए सदन से बहिगर्मन किया तो भाजपा, रालोद व कांग्रेस सदस्यों ने ‘वेल’में आकर सरकार विरोधी नारे लिखी तख्तियां व बैनर लहराए। इसके  चलते सदन को बीस मिनट के  लिए स्थगित करना पड़ा और प्रश्न काल भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। इस सत्र में सरकार का मुख्य एजेंडा अनूपरक बजट पास कराना है।

शुक्रवार को विधानसभा की कार्यवाही जैसे ही 11 बजे शुरू हुई, नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगड़ रही है। पहले इस मुद्दे पर चर्चा करायी जाए। बसपा के सदस्य सरकार विरोधी नारे लिखी नीली टोपी लगाए सदन में नजर आए। शोर शराबे के बीच भाजपा, कांग्रेस व रालोद सदस्य ‘वेल’ में नारे लगाने लगे। बसपा ने तो सदन से  बहिगर्मन कर दिया।

विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने सदस्यों को अपनी जगह जाने व सदन व्यवस्थित रखने को कहा लेकिन हंगामा जारी रहा। इस बीच संसदीय कार्यमंत्री आजम खां ने कहा कि विपक्षी दलों के पास कोई मुद्दा नहीं है। अखिलेश सरकार द्वारा किए जा रहे बेहतरीन कार्यों पर यह अपने सियासी व सामाजिक निकम्मेपन से झाडू फेरने में लगे हैं। शोरशराबे के बीच केवल आजम खां ही विपक्षी दलों पर तीखे हमले करते रहे।  सदन व्यवस्थित  न होते देख कर अध्यक्ष ने सदन दो बार में बीस मिनट के लिए स्थगित कर दिया। इसके बाद जब दोबारा सदन बैठा तो हंगामा जारी रहा। इस पर माता प्रसाद पांडेय ने जरूरी विधायी कार्य करवा कर कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी। सदन अब सोमवार को बैठेगा।

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