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कर्नल-कैप्टन समेत सात सैन्यकर्मियों को उम्रकैद

घाटी के बहुचर्चित माछिल फर्जी मुठभेड़ कांड में गुरुवार को एक कर्नल और कैप्टन समेत सात सैन्यकर्मियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। समरी जनरल कोर्ट मार्शल ने इन सभी को तीन युवकों की हत्या का दोषी करार दिया है। राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताया है।

मुठभेड़ की यह घटना वर्ष 2010 की है। कश्मीर के कुपवाड़ा निवासी शहजाद अहमद, रियाज अहमद और मोहम्मद शफी को सेना की एक टीम ने एनकाउंटर में मार गिराने का दावा किया था। सैन्य टीम का कहना था कि तीनों पाकिस्तानी आतंकी थे और भारत में घुसपैठ करने के दौरान इन्हें मार गिराया गया।

पीड़ित परिवारों ने मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए शिकायत की। सेना के एक कर्नल और कैप्टन और पांच जवानों पर आरोप लगे कि वे इन तीनों को नौकरी का प्रलोभन देकर सीमावर्ती इलाके में ले गए। इसके बाद उनकी हत्या कर दी गई थी।

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  • Web Title:कर्नल-कैप्टन समेत सात सैन्यकर्मियों को उम्रकैद