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पटना मेट्रो के लिए सरकार बनाएगी एसपीवी

पटना मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार स्पेशल परपस व्हीकिल (एसपीवी) का गठन करेगी। नगर विकास और आवास विभाग ने इसकी मंजूरी दे दी है। एसपीवी का गठन होने के बाद प्रोजेक्ट की स्वीकृति का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा जाएगा। यह निर्णय गुरुवार को पुराना सचिवालय में हुई महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया।

मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि बैठक में दिल्ली मेट्रो के एसपीवी का प्रेजेंटेशन हुआ। तय हुआ कि पटना में तीन फेज में मेट्रो रेल चलाई जाएगी। इसके पहले फेज के लिए एसपीवी के गठन पर सहमति बनी। बाद में अपने कार्यालय कक्ष में पत्रकारों से बातचीत में नगर विकास एवं आवास मंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार एसपीवी बनाकर पटना मेट्रो प्रोजेक्ट का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए केन्द्र सरकार को भेजेगी।

पहले चरण में दो कारीडोर के लिए इसका गठन किया जा रहा है। यह सगुना मोड़ से शुरू होकर वाया बेली रोड, स्टेशन, डाक बंगला, गांधी मैदान, पीएमसीएच, राजेन्द्र नगर होते हुए आईएसबीटी तक जाएगा। एसपीवी गठन में कंपनी का कौन अध्यक्ष होगा, कैसे यह काम करेगी, कितने लोगों की जरूरत होगी आदि तय किया जाएगा। बैठक में ऊर्जा सचिव प्रत्यय अमृत, पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव अरुण कुमार सिंह, नगर सचिव बी राजेन्द्र, वन एवं पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह, पटना के प्रमंडलीय आयुक्त नर्मदेश्वर लाल और पटना डीएम अभय सिंह समेत संबंधित विभागों के बड़े अधिकारी शामिल हुए।

फिलहाल राज्य सरकार तय करेगी चेयरमैन : श्री चौधरी ने कहा कि प्रोजेक्ट से जुड़े विभागों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने क्षेत्राधिकार में पटना मेट्रो कारपोरेशन के लिए पूरा सहयोग दें। उन्होंने कहा कि मेट्रो की राह में आने वाले सरकारी भवनों से जहां एनओसी लिया जाएगा, वहीं निजी भवनों का अधिग्रहण होगा। केन्द्र सरकार हमारा प्रोजेक्ट स्वीकार कर लेती है तब इसके अध्यक्ष केन्द्रीय नगर विकास मंत्रालय के सचिव होंगे।

सहमत होने पर केन्द्र देगा 15 से 20 फीसदी राशि : मंत्री ने बताया कि केन्द्र द्वारा प्रोजेक्ट को स्वीकृति देने की स्थिति में वह कुल लागत का 15 से 20 फीसदी वहन करेगा, जबकि राज्य सरकार 25 से 30 फीसदी मुहैया कराएगी। बाकी राशि का इंतजाम हम विश्व स्तर के जाइका जैसे किसी बैंक या किसी राष्ट्रीयकृत बैंक से लोन लेकर करेंगे। राइट्स ने अपने ड्राफ्ट डीपीआर में पटना मेट्रो प्रोजेक्ट की लागत 14 हजार करोड़ बताई है।

पहले पटना को बनाना होगा मेट्रोपोलिटन सिटी : किसी शहर में मेट्रो चलाने से पहले उसे मेट्रोपोलिटन सिटी बनाने का नियम है। श्री चौधरी ने बताया कि केन्द्र को मेट्रो प्रोजेक्ट के साथ ही पटना को मेट्रोपोलिटन सिटी बनाने का भी प्रस्ताव भेजा जाएगा। कहाकि यदि यह प्रोजेक्ट राज्य सरकार खुद चलाने का निर्णय लेती है तब हम पीपीपी मोड में जा सकते हैं। उस स्थिति में एसपीवी का चेयरमैन राज्य सरकार ही तय करेगी।

क्या है एसपीवी
किसी भी बड़े प्रोजेक्ट को चलाने के लिए एसपीवी के गठन की जरूरत पड़ती है। संबंधित विभागों के शीर्ष अधिकारियों को शामिल कर इसका गठन किया जाता है। इसके बाद उस प्रोजेक्ट की सारी जिम्मेदारी और जवाबदेही एसपीवी के पास होती है। फिर सरकार या कोई विभाग स्वयं कोई निर्णय नहीं ले सकता। परियोजना के लिए धन जुटाने से लेकर, भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण क्लीयरेंस आदि हर तरह के फैसले के एसपीवी ही करता है। यही पटना मेट्रो कारपोरेशन कंपनी भी बनाएगी।

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