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पढ़ाई के लिए ब्रिटेन जाने वालों की संख्या चार गुना!

पढ़ाई के लिए ब्रिटेन जाने वालों की संख्या चार गुना!

भारतीय नौजवान को पोस्ट ग्रेजुएट स्तर पर अध्ययन के लिए ब्रिटेन अपनी प्रतिष्ठित चीवनिंग स्कॉलरशिप की संख्या को बढ़कर चार गुना करेगा। अभी ब्रिटेन सरकार द्वारा 150 स्कॉलरशिप भारतीयों को ब्रिटेन में अध्ययन के लिए दी जाती हैं जिनकी संख्या अब प्रतिवर्ष छह सौ तक पहुंच जाएगी। ब्रिटेन एवं भारत के शिक्षा मंत्रियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया। ब्रिटेन ने यह भी कहा कि वह अपने नौजवानों को पढ़ाई और कार्य करने के लिए अपने संसाधनों से भारत भेजेगा।

यहां दिल्ली में गुरुवार को इंडिया-यूके फोरम की बैठक में मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी और ब्रिटेन के विश्वविद्यालय एवं विज्ञान मंत्री ग्रेग क्लार्क ने हिस्सा लिया। दोनों पक्षों ने पूर्व में शुरू किए गए ज्वाइंड यूके-इंडिया एजुकेशन एंड रिसर्च इनीसियेटिव पर आगे बढ़ाने पर सहमति प्रकट की और इसका तीसरा संस्करण 2016 में जारी होगा।

इसी सिलसिले में ब्रिटेन ने बताया कि उसने चीवनिंग स्कॉलरशिप में भारत के लिए अपने संसाधनों को चार गुना करने का फैसला किया है। इसका मतलब यह हुआ कि ब्रिटेन अब भारत के लिए चीवनिंग स्कॉलरशिप पर 6 लाख पौंड की बजाय 24 लाख पौंड हर साल खर्च करेगा जिससे स्कालरशिप की संख्या चार गुना तक बढम् जाएगी।

ब्रिटेन ने कहा कि वह जेनेरेशन यूके-इंडिया प्रोग्राम के तहत अपने नौजवानों को भारत में शिक्षा ग्रहण करने और कार्य करने के लिए भेजेगा। अगले पांच सालों में इस योजना के तहत 25 हजार नौवाजनों को ब्रिटेन भारत भेजेगा। ब्रिटेन का अन्तरराष्ट्रीय विकास विभाग (डीएफआईडी) इसके लिए संसाधन मुहैया कराएगा। मकसद भारत के अनुभवों को सीखना है।

भारत की तरफ से 10+2 सिस्टम को ए श्रेणी में मान्यता दिए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। ब्रिटेन ने कहा कि भारतीय बोर्ड सिस्टम को ब्रिटेन के सभी विश्वविद्यालय मान्यता देते हैं। इसकी वजह से वहां छात्रों को एडमिशन में कोई असुविधा नहीं होगी। ब्रिटेन ने भारतीय संस्थानों को फेकल्टी की कमी दूर करने के लिए ग्लोबल इनीसियेटिव फॉर एकेडमिक नेटवर्क (जीआईएएन) में भी सहायता देने का आश्वासन दिया। इससे ब्रिटेन से भारतीय संस्थानों को गेस्ट फेकल्टी उपलब्ध हो सकेगी।

दोनों देशों ने शिक्षा और शोध को बढमवा देने के लिए एक ज्वाइंट वर्किग ग्रुप बनाने का भी फैसला लिया जिसकी बैठक हर महीने होगी। दिसंबर में ग्रुप की पहली बैठक होगी।

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