DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

काशी विद्यापीठ के केन्द्रीय कार्यालय पर कर्मचारियों ने हंगामा किया

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में गुरुवार को कर्मचारियों ने खूब हंगामा किया। केन्द्रीय कार्यालय में तालाबंदी कर शाम तक धरना दिया। कुलसचिव का भी घेराव किया। विभागों में भी कामकाज नहीं हुआ।

कर्मचारी इस बात से नाराज थे कि संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों के वेतनमान के बारे में कार्यपरिषद की कार्यवृत्त में मनमाने ढंग से हेरफेर किया गया है। वित्त समिति ने संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों को पंचम वेतनमान का लाभ देने का फैसला किया था। कार्यपरिषद को इस निर्णय की पुष्टि करनी थी। कर्मचारियों का दावा है कि कार्यपरिषद की कार्यवाही प्रकाशित करने में मनमानी की गई। वित्त समिति के फैसले को दरकिनार करते हुए तीन प्रतिशत वार्षिक वेतनवृद्धि की बात कही गई है। यह सरासर गलत है।

कर्मचारियों ने बुधवार को भी इसी मुद्दे पर धरना दिया था। उन्हें यह आश्वासन दिया गया कि शाम तक संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों के बारे में कार्यालय आदेश निकल जायेगा। इसपर उन्होंने धरना समाप्त किया था। गुरुवार को जब उन्हें पता चला कि पंचम वेतनमान देने के बजाय तीन फीसदी का लाभ दिया जा रहा तो वे भड़क गए। सभी कार्यालयों को बंद कराते हुए केन्द्रीय कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए।
उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनकी मांग थी कि वित्त समिति के निर्णय के अनुसार ही  उन्हें लाभ दिया जाए। कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन के कारण कामकाज ठप रहा। धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से महेन्द्र पांडेय, सुरेन्द्र सिंह, आनंद कुमार सिंह, जेपी तिवारी, वंश नारायण राय, रामनारायण सिंह, जर्नादन पांडेय आदि थे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:काशी विद्यापीठ के केन्द्रीय कार्यालय पर कर्मचारियों ने हंगामा किया