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महिला कांग्रेसियों ने पुरुष नेताओं को दौड़ाया

पूरी राजनीति में आधी आबादी को कम हक मिलने से नाराज महिला कांग्रेसियों ने पुरुष नेताओं को दौड़ा दिया। रांची विधानसभा क्षेत्र में प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष आभा सिन्हा को टिकट नहीं मिलने से नाराज महिलाओं का एक जत्था आरएसएस का दलाल सुबोधकांत होश में आओ, टिकट बेचना बंद करो.. सुखदेव भगत मुर्दाबाद का नारे लगाता हुआ प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के परिसर में पहुंचा।

वहां पहले से जमे कांग्रेस के पदाधिकारियों ने समझाने की कोशिश की। लेकिन महिलाओं के आक्रोश के आगे उनकी एक न चली। उनमें से अधिकतर भागकर ऊपर के तल्ले पर आ गए। महिलाओं ने भी पीछा किया, लेकिन महिला कांग्रेस की प्रदेश पदाधिकारी रीता चौधरी के समझाने पर रुक गईं। इसके बाद ग्राउंड फ्लोर पर कुर्सियां फुटबॉल बन गईं। प्लास्टिक की कुर्सियां सुबोधकांत विरोधी नारे के साथ फेंकी जाने लगी। कई पूरी तरह से टूटीं। कई क्रैक हुईं। बाद में सभी महिला कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से वापस चली गईं।

खिजरी से आए लोगों ने भी किया हंगामा
खिजरी विधानसभा क्षेत्र से आए कांग्रेस टिकट के दावेदार अजय कच्छप के समर्थकों ने भी कांग्रेस भवन में जमकर हंगामा किया। इनका आरोप था कि सुबोधकांत सहाय के कहने पर खिजरी विधानसभा क्षेत्र का टिकट सावना लकडम की पत्नी सीता लकडम को नहीं दिया गया है। साथ ही अजय कच्छप को आश्वासन के बाद भी टिकट नहीं दिया गया है। हंगामा कर रहे लोगों में से अधिकतर कांग्रेस नेताओं के लिए अनजान चेहरे थे।

ये भी थे तर्क
आरोपी होने के बाद भी योगेंद्र साव की पत्नी को टिकट दिया गया तो सावना लकडम की पत्नी सीता लकडम को क्यों नहीं?
आभा सिन्हा का टिकट सुबोधकांत सहाय ने कटवाया है।
क्या कांग्रेस में किसी महिला को टिकट पाने के लिए राजनीतिक विरासत का होना जरूरी है।

बाप विधायक नहीं हो, तो महिला कांग्रेस में नहीं आए
मैं महिलाओं से अपील करती हूं कि उनके खानदान में अगर कोई कांग्रेस का विधायक या बड़े पद पर नहीं है,तो उसे कांग्रेस में नहीं आना चाहिए। महिलाओं की भीड़ जुटाने के लिए जो नेता आम दिनों में महिला कार्यकर्ताओं को मातृशक्ति कहकर बुलाते हैं, वे भी चुनाव के दिनों में ठिकाने लगा देते हैं।
आभा सिन्हा, अध्यक्ष, प्रदेश महिला कांग्रेस

हंगामा और मारपीट कांग्रेस में आम
हाल के दिनों में कांग्रेस में हंगामा और मारपीट जैसी घटनाएं आम हो गई हैं। छह महीने पहले जयराम रमेश समेत कई बड़े नेताओं के साथ कांग्रेस की बैठक में भी जमकर हंगामा हुआ था। अंडा फेंकने की कोशिश हुई थी। लेकिन समय रहते उस कार्यकर्ता को पकड़कर बैठक से बाहर कर दिया गया।

12 जून, 2013 को भी कांग्रेस भवन में ऐसी ही एक मीटिंग के दौरान गोली चली थी। विवाद विधायक दल के नेता राजेंद्र सिंह के समर्थकों और विधायक मन्नान मलिक के बीच था। मन्नान मलिक ने राजेंद्र सिंह के बेटे अनूप के बॉडीगार्ड पर हवाई फायरिंग का आरोप जडम था। लेकिन अनूप इससे इनकार करते रहे हैं।

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