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फतेहपुर सीकरी के हम्माम में निकले दरवाजे, फर्श

फतेहपुरसीकरी में उत्खनन के दौरान कई तरह के अवशेष निकल रहे हैं। हिरन मीनार के पास बड़े-बड़े पेड़ों के बीच छिप गए हम्माम को फिर से खोज निकाला गया है। हम्माम का पूरा हिस्सा मलबे से ढका हुआ मिला। अब एएसआई ने पेड़ों और मलबे को हटाकर खुदाई कराने का काम शुरू कराया है। खुदाई में दरवाजे और फर्श मिलने शुरू हो गए हैं।

सीकरी के किले के पीछे की ओर हिरन मीनार है। इस इलाके को कारवान सराय बोला जाता है। इसी के पास एक अष्टकोणीय चारदीवारी दिखाई देती है। ये पूरा हिस्सा खंडहर में तब्दील हो चुका था। ऊपर से बड़े-बड़े पेड़ होने से जंगल जैसा दिखने लगा था। एएसआई के अधिकारियों की नजर इस जंगल की ओर गई तो उन्होंने पेड़ों को कटवाने का काम शुरू किया। अष्टकोणीय बावली के अंदर की ओर काफी मलबा दिखा। इसे हटवाया गया। उसके बाद खुदाई का काम शुरू हुआ। खुदाई में प्राचीन दरवाजे मिलने शुरू हो गए। एएसआई के अधिकारियों की उत्सुकता बढ़ने लगी। उसके बाद से लगातार खुदाई जारी है। बुधवार को फर्श मिला। एएसआई के अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे प्रमाण मिलते जाएंगे, और आगे की खुदाई कराई जाती रहेगी। अभी तक 14 कोठरियां मिल चुकी हैं।

‘जिस तरह से प्रमाण मिल रहे हैं, उससे लगता है कि अन्य अवशेष भी मिलेंगे। यहां पानी को स्रोत रहने के संकेत मिल रहे हैं। हम्माम को पुन:स्थापित कराए जाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।’
मुनज्जर अली
वरिष्ठ संरक्षण सहायक


400 साल पुराने हैं अवशेष
 खुदाई में निकल रहे ये अवशेष तकरीबन 400 साल पुराने हैं। ये सभी मुगलकालीन हैं। इसी तरह की अन्य कोठरियां भी मिलने के संकेत मिल रहे हैं। एएसआई के अधिकारियों का कहना है कि इनको भी पुन:स्थापित कराए जाने का काम आगे शुरू कराया जाएगा। उस दौरान कुछ और महत्वपूर्ण मुगलकालीन अवशेष मिल सकते हैं।

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  • Web Title:फतेहपुर सीकरी के हम्माम में निकले दरवाजे, फर्श