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दिए कड़े निर्देश, नकल रोकने को बदले जाएंगे नियम और कानून: डॉ. सूर्य प्रताप

छात्र बिना पढ़े पास हो रहे हैं। रिजल्ट 90 प्रतिशत पर पहुंच रहा है, लेकिन छात्र नौकरी की लाइन में खड़े होने से पहले ही हार रहे हैं। सबके लिए सिर्फ एक ही वजह है नकल। शिक्षा विभाग, प्रधानाचार्य और शिक्षक मिलकर नकल करा रहे हैं। यूपी बोर्ड की परीक्षा में नकल के हालात पर बुधवार को प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा डॉ. सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि अब नकल शब्द छोटा पड़ने लगा है। उन्होंने कहा कि शिक्षक चाहें तो नकल नहीं होगी। यदि नकल हुई तो सभी पर कार्रवाई होगी। एफआईआर होगी, जेल भेजा जाएगा।

मंडल के प्रधानाचार्यो के साथ सफल परीक्षा के संचालन के लिए सूरसदन में हुई गोष्ठी में प्रमुख सचिव ने कहा कि यूपी बोर्ड का मतलब शर्मिदगी हो गया है। वह ‘भक्ति, युक्ति और शक्ति’ के फॉर्मूले पर काम कर रहे हैं। अधिकारियों और शिक्षकों से नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए कहा जा रहा है। इसके लिए योजनाएं भी तैयार की जा रही हैं। साथ ही शक्ति से भी काम लिया जाएगा। नकल रोकने के लिए नियम और कानून सब बदला जाएगा। हमें रिजल्ट 90 प्रतिशत नहीं चाहिए। बिना नकल के 45 प्रतिशत रिजल्ट ही उपलब्धि होगी।

प्रमुख सचिव ने कहा कि सेंटर बनाने में खेल हो रहा है। इसकी शिकायत उन्हें मिली है, यदि कोई सेंटर गलत बना और उसके लिए पैसे लेने का मामला सामने आया, तो कर्मचारी, अधिकारी और कॉलेज संचालक सभी पर कार्रवाई होगी। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि नकल के कारण आपका सम्मान कम हो रहा है। अब फैसला आप पर है कि नकल रोकने के लिए काम करेंगे या फिर कार्रवाई चाहेंगे।

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