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नेशनल नॉलेज नेटवर्क योजना के तहत मांगा था प्रस्ताव

नेशनल नॉलेज नेटवर्क योजना के तहत रुहेलखंड विवि को वाईफाई करने के लिए तैयार हुआ 2.5 करोड़ का प्रस्ताव विवि में कहीं अटक गया है। सीएसआईटी विभागाध्यक्ष ने प्रस्ताव तैयार कर विवि को तो भेज दिया पर विवि से यह प्रस्ताव सरकार को नहीं भेजा गया।

प्रदेश सरकार ने प्रथम चरण में नेशनल नॉलेज नेटवर्क के तहत पांच विश्वविद्यालयों को चुना है। इसमें रुहेलखंड विवि भी शामिल है। इसके लिए शासन ने बिना देरी किए प्रस्ताव तैयार कर भेजने को कहा था। यह भी कहा था अपने यहां नहीं कराना चाहते हैं तो इसकी जानकारी दें ताकि अन्य विवि को ऑफर किया जा सके। शासन से प्रस्ताव का रिमाइंडर आया तो पता चला कि प्रस्ताव शासन को गया ही नहीं। इसपर सीएसआईटी विभागाध्यक्ष रविंद्र सिंह ने आनन-फानन रिमाइंडर लेकर कुलसचिव के पास पहुंच गए। उन्होंने कहा कि देरी हुई तो इस स्कीम से हाथ धो बैठेंगे। दरअसल इस योजना के तहत कुल खर्च का 75 प्रतिशत केंद्र सरकार और 25 प्रतिशत विवि को वहन करना है पर अभी तक प्रस्ताव अटका होने के कारण मामला खटाई में है।

मुङो अभी तक ऐसा कोई प्रस्ताव देखने को नहीं मिला है। मेरे पास आएगा तो प्रस्ताव शासन को भेजने में विलंब नहीं किया जाएगा।
महेश कुमार, डिप्टी रजिस्ट्रार, प्रशासन

प्रदेश में केवल पांच विवि को प्रथम चरण में वाईफाई करना है। इनमें से एक हमारा विवि है। ऐसे में प्रस्ताव शासन को भेजने में देरी से मुश्किल खड़ी होगी।
डा. रविंद्र सिंह, विभागाध्यक्ष सीएसआईटी

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