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एएमयू छात्रसंघ और विमेंस कॉलेज स्टूडेंट यूनियन उतरी सड़कों पर

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में बुधवार को कैंपस का माहौल गरमाया रहा। एएमयू छात्रसंघ (अमुसू) और विमेंस कॉलेज स्टूडेंट्स यूनियन (डब्यूसीएसयू) वीसी के समर्थन में सड़क पर उतर आए। दोनों संघों की अगुवाई में हजारों छात्र-छात्रओं ने विरोध मार्च निकाला। उन्होंने कहा कि वीसी ने कुछ गलत बयानी नहीं की।

मीडिया ने वीसी के बयान को तोड़मरोड़ कर पेश किया। कैंपस में लिंग भेद की जो तस्वीर मीडिया में दिखाई गई, वैसा कुछ नहीं है। केंद्र सरकार को चुनौती दी कि वह एएमयू का कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी। चाहें पीएम नरेंद्र मोदी हों या मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी। उन्हें वीसी का वक्तव्य बेटियों का निरादर लगता है तो विमेंस कॉलेज लाइब्रेरी के लिए वह विशेष निधि जारी करें। छात्र-छात्रओं का बुधवार को मीडिया के खिलाफ गुस्सा फूटा। जमकर मीडिया के खिलाफ नारेबाजी हुई, एक अंग्रेजी अखबार की प्रतियां जलाई गईं और पुतला भी फूंका गया। बाब-ए-सैयद पर छात्र अब धरना दे रहे हैं।

मंगलवार देर रात को छात्रों ने मीडिया की मुखालफत में बाब-ए-सैयद गेट पर धरना दिया। इसके बाद बुधवार को जिस मौलाना आजाद लाइब्रेरी को लेकर एएमयू वीसी जमीरउद्दीन शाह के कथित बयान से विवाद खड़ा हुआ। उसी लाइब्रेरी के आंगन में बुधवार को सारे छात्र-छात्रएं इकळे हुए। हाथ में मीडिया की मुखालफत के पोस्टर, बैनर और पुतला लिए सभी नारेबाजी करते हुए विरोध मार्च में शामिल हुए। सबका यही कहना था कि मीडिया ने उनके वीसी के बयान को तोड़मरोड़ कर पेश किया। बयान की केवल वहीं पंक्तियां काट कर दिखाई गईं, जिससे सनसनी फैलाई जा सके। पूरा बयान किसी ने नहीं दिखाया। छात्र-छात्रओं का कहना था कि उनके ने वीसी कोई गलत बयानी नहीं की।

मार्च बाब-ए-सैयद पर पहुंचा तो छात्र नेताओं ने छात्रों को संबोधित किया। विमेंस स्टूडेंट यूनियन की अध्यक्ष गुलफिजा खान ने कहा कि वीसी ने कुछ गलत नहीं बोला। जैसा दिखाया जा रहा है, वैसा कुछ नहीं है। गलत अंदाज में मीडिया ने उसे पेश किया। यह भी कहा कि अगर वीसी लिंगभेद करते तो यूनियन में उपाध्यक्ष पद छात्रओं के लिए आरक्षित करने के पक्ष में नहीं होते। यूनिवर्सिटी में लिंगभेद किया जाता तो छात्र-छात्रएं यहां एक साथ नहीं होते। कहा- यहां जाति, धर्म या लिंगभेद नहीं होता। मौलाना आजाद लाइब्रेरी की सदस्यता की मांग है। इसको वीसी ने नकारा नहीं। बल्कि जगह की कमी बताते हुए आश्वासन दिया था कि वह जगह तलाश रहे हैं।

एएमयू छात्र संघ अध्यक्ष अब्दुल्ला अज्जाम ने कहा कि लाइब्रेरी के मसले को मीडिया में जिस तरह से पेश किया गया वह गैर जिम्मेदारी भरा था। यह ठीक नहीं है। अज्जाम ने कहा कि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने वीसी के बयान पर प्रति उत्तर देते हुए उसे बेटियों का निरादर बताया। वह बेटियों को लेकर इतनी ही संवेदनशील हैं तो विमेंस कॉलेज लाइब्रेरी के लिए तुरंत प्रभाव से निधि जारी करें। बढ़ी फीस को कम कराएं। यूनिवर्सिटी के फंड में कटौती के निर्णय को वापस लें। एक छात्र ने कहा कि चाहें स्मृति ईरानी हों या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एएमयू का कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे।

वह कुछ करेंगे तो हमें भी दिल्ली जाकर संसद घेरने में देर नहीं लगेगी। यहां के बाद मार्च का रुख यूनिवर्सिटी सर्किल पहुंचा। जहां मीडिया का पुतला फूंका गया। इस मार्च में छात्र संघ सचिव शाहजेब अहमद, उपाध्यक्ष सैयद मसूद उल हसन, विमेंस कॉलेज स्टूडेंट् यूनियन की उपाध्यक्ष नूरैन बतूल, कैबिनेट सदस्य समेत छात्र-छात्रओं का हुजूम शामिल रहा।

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