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नगर निगम सदन महापौर और पार्षदों के अहं चढ़ा

नगर निगम सदन मंगलवार को फिर नुमाइश बना। महापौर और सपा पार्षदों के अहं में जनता के मुद्दे गौड़ रह गए। न तो सदन में बजट रखा गया और न ही उस पर चर्चा हुई। पिछली बैठक स्थगित करने का कारण जानने पर अड़े सपा-कांग्रेस पार्षद सदन से जा रहे थे, तभी महापौर ने बजट पास करने की घोषणा कर दी। महापौर-पार्षद मुस्कुराते हुए सदन से बाहर निकल गए और जनता फिर ठगी रह गई।


वित्तीय वर्ष 2013-14 के पुनरीक्षित बजट पर आहूत बैठक शुरू होते ही नामित पार्षद अमरदेव ने मूल बजट की कॉपी न मिलने और उसकी पुष्टि का मामला उठाया। शंकर बिशनानी और असलम ने पहली नवंबर को आहूत बैठक नियम विपरीत स्थगित करने का मुद्दा उठाया। सीताराम केशरी और गोविंद शर्मा ने इसका समर्थन किया। यह स्पष्ट कराने की मांग की कि बैठक स्थगित करने का अधिकार किसे है? करीब 35 मिनट तक इसी पर बहस चलती रही। महापौर का कहना था कि बजट चर्चा के बाद वह स्पष्ट करा देंगे किंतु विपक्षी मानने को तैयार नहीं थे। इस बीच नगर आयुक्त उमाकांत त्रिपाठी दो बार उठे लेकिन बजट नहीं रख सके। बैठक समाप्त होने से पहले बजट पास का महापौर की घोषणा करना किसी के गले नहीं उतरा।

गुणवत्ताविहीन काम का उठाया मुद्दा
नामित पार्षद वरुण सिंह ने पहड़िया वार्ड में हो रहे गुणवत्ताविहीन कार्य का मुद्दा उठाया। बताया वहां घटिया ईंट और 12-1 के मसाले से जोड़ाई हो रही है। शिकायत नगर आयुक्त और चीफ इंजीनियर से की गई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। मैं दलगत भावना से उठकर मांग करता हूं कि सदन अपने निर्णयों को गंभीरता से अनुपालन कराने पर विचार करे। सदन के निर्णय के बाद भी पार्षदों को इस्टीमेट की कॉपी नहीं दी जा रही है।

अधिकारियों को सुनाई खरी-खोटी
सदन स्थगित के होने के बाद अधिकारियों को पार्षद गोविंद शर्मा ने खूब खरी-खोटी सुनाई। कहा, सदन स्थगित होने से इन अफसरों की ही चांदी हो जाती है। इन्हें मनमाने काम करने का मौका मिल जाता है। अनिल शर्मा ने भी कहा कि शिकायतों पर अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते। सीताराम केशरी ने बैठक के दौरान नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त, जलकल महाप्रबंधक की मनमानी का मामला उठाया था।


सीएम-निगम अधिकारियों को धन्यवाद
सदन में एक तरफ महापौर और अधिकारियों का विरोध चल रहा था, उसी समय वरिष्ठ पार्षद नरसिंह दास ने त्योहारों और पीएम के आगमन पर किए गए कार्यो के लिए निगम अधिकारियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने काफी देर से ही सही सीएम का करसड़ा प्लांट की ओर ध्यान देने पर भी धन्यवाद दिया। काफी देर तक सदन सोचती रही कि नरसिंह दास कटाक्ष कर रहे हैं या सही में धन्यवाद दे रहे हैं।
नगर निगम के बजट पर एक नजर
अनुमानित आय : 645 करोड़ 32 लाख
अनुमानित व्यय : 645 करोड़ 32 लाख
करों से प्रस्तावित आय : 28 करोड़ 24 लाख
राजस्व अनुदान : 181 करोड़
अधिष्ठान व्यय : 151 करोड़
अनुरक्षण व्यय : 59 करोड़
जलकल का बजट एक नजर में
अनुमानित आय : 71 करोड़ 40 लाख
अनुमानित व्यय : 70 करोड़ 55 लाख
जलकर से प्रस्तावित आय : 52 करोड़ 80 लाख
13वें वित्त आयोग से आय : 10 करोड़ 40 लाख
अधिष्ठान व्यय : 29 करोड़
बिजली में व्यय : 30 करोड़ 50 लाख

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