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परिवहन विभाग ने ‘सोलेशियम स्कीम’ का प्रस्ताव केद्र को भेजा

परिवहन विभाग ने अज्ञात वाहनों की टक्कर से मौत हो जाने पर पीड़ित पक्ष के परिजनों को ज्यादा मुआवजा देने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार के पास भेजा है। प्रस्ताव में ‘सोलेशियम स्कीम’ के तहत दिए जाने इस मुआवजे को मृत्यु की दशा में 25 हजार से बढ़ाकर 1 लाख और घायल को साढ़े 12 हजार से बढ़ाकर 50 हजार देने की बात कही गई है।
केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रलय को भेजे इस प्रस्ताव में परिवहन आयुक्त के.रवीन्द्र नायक ने मुआवजे की रकम को बढ़ाने के पीछे कई तर्क दिए हैं। उन्होंने कहा  है कि पिछले 20 सालों से 25 हजार और साढ़े 12 हजार रुपए मुआवजे की रकम निर्धारित है। जबकि इस दरम्यान भारत के थोक मूल्य सूचकांक में काफी बढ़ोतरी हो चुकी है। मृतक के परिजनों के लिए इतनी कम मुआवजे की रकम कोई मायने नहीं रखती है। यही नहीं, गंभीर रूप से घायल के इलाज के लिए भी यह रकम अपर्याप्त है। ऐसे में केन्द्र सरकार मोटर यान अधिनियम की धारा में संशोधन कर मुआवजे की रकम को तत्काल बढ़ाकर पीड़ित पक्ष को राहत प्रदान करे।

तीन माह में 856 मामले
इस साल की शुरुआत के तीन महीने जनवरी से मार्च तक के उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि अज्ञात वाहनों की टक्कर यानि ‘हिट एण्ड रन’ के 856 मामले दर्ज किए गए। जिनमें 559 लोगों की मृत्यु हो गई तो 625 गंभीर रूप से घायल हो गए। परिवहन विभाग ने ऐसे मामलों में अब तक 2 हजार लोगों की मौत का आकलन किया है।

सोलेशियम स्कीम-1989 के तहत न्यू इण्डिया इंश्योरेन्स कम्पनी पीड़ित पक्ष को मुआवजा देती है। जिस जिले में अज्ञात वाहनों की टक्कर के मामले दर्ज होते हैं, वहां के जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर परिवहन विभाग पीड़ित को बीमा कम्पनी से मुआवजा दिलाता है। 

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