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डॉ. राकेशधर त्रिपाठी और उनके भतीजे पंकज को बसपा से निकाला

पूर्व मंत्री डॉ. राकेशधर त्रिपाठी और उनके भतीजे पंकज त्रिपाठी को बसपा से निकाल दिया गया है। लोकसभा चुनाव में भदोही संसदीय क्षेत्र से प्रत्याशी रहे डॉ. त्रिपाठी और उनके भतीजे पंकज पर अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप में यह कार्रवाई की गई है।

बसपा के इलाहाबाद-मिर्जापुर जोन कोआर्डिनेटर अखिलेश अंबेडकर और आरके चौधरी की ओर से इस आशय की सूचना जारी की गई है। इनका कहना है कि इन दोनों नेताओं के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच कराने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने यह फैसला लिया है। बसपा सुप्रीमो ने सोमवार को लखनऊ में प्रदेश भर के नेताओं के साथ बैठक की थी। डॉ. राकेशधर त्रिपाठी 2007 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा छोड़कर बसपा में आए थे और 2007 में हंडिया से चुनाव लड़कर विजयी हुई थे। उन्हें बसपा शासनकाल में उच्च शिक्षा मंत्री भी बनाया गया था। 2012 के विधानसभा चुनाव से पूर्व उन्होंने पाला बदल लिया था।

टिकट न मिलने पर वह प्रगतिशील मानव समाज पार्टी के उम्मीदवार बन गए थे। पार्टी ने तब भी उन्हें निष्कासित किया था। हालांकि तब डॉ. त्रिपाठी ने कहा था कि उन्होंने खुद पार्टी छोड़ दी है। लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले वह फिर बसपा में आ गए थे। पहले उन्हें मिर्जापुर से टिकट दिए जाने की चर्चा थी। बाद में भदोही से उम्मीदवार बनाया गया था। विधायक महेश नारायण सिंह के निधन के बाद हंडिया में हुए उप चुनाव में डॉ. त्रिपाठी के भतीजे पंकज को बसपा से प्रत्याशी बनाया गया था। इस कार्रवाई के बाद डॉ. त्रिपाठी के फिर भाजपा में लौटने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। डॉ. राकेशधर त्रिपाठी और उनके भतीजे पंकज को बसपा से निकाला


इलाहाबाद प्रमुख संवाददाता
पूर्व मंत्री डॉ. राकेशधर त्रिपाठी और उनके भतीजे पंकज त्रिपाठी को बसपा से निकाल दिया गया है। लोकसभा चुनाव में भदोही संसदीय क्षेत्र से प्रत्याशी रहे डॉ. त्रिपाठी और उनके भतीजे पंकज पर अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप में यह कार्रवाई की गई है।

बसपा के इलाहाबाद-मिर्जापुर जोन कोआर्डिनेटर अखिलेश अंबेडकर और आरके चौधरी की ओर से इस आशय की सूचना जारी की गई है। इनका कहना है कि इन दोनों नेताओं के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच कराने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने यह फैसला लिया है। बसपा सुप्रीमो ने सोमवार को लखनऊ में प्रदेश भर के नेताओं के साथ बैठक की थी। डॉ. राकेशधर त्रिपाठी 2007 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा छोड़कर बसपा में आए थे और 2007 में हंडिया से चुनाव लड़कर विजयी हुई थे। उन्हें बसपा शासनकाल में उच्च शिक्षा मंत्री भी बनाया गया था। 2012 के विधानसभा चुनाव से पूर्व उन्होंने पाला बदल लिया था।

टिकट न मिलने पर वह प्रगतिशील मानव समाज पार्टी के उम्मीदवार बन गए थे। पार्टी ने तब भी उन्हें निष्कासित किया था। हालांकि तब डॉ. त्रिपाठी ने कहा था कि उन्होंने खुद पार्टी छोड़ दी है। लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले वह फिर बसपा में आ गए थे। पहले उन्हें मिर्जापुर से टिकट दिए जाने की चर्चा थी। बाद में भदोही से उम्मीदवार बनाया गया था। विधायक महेश नारायण सिंह के निधन के बाद हंडिया में हुए उप चुनाव में डॉ. त्रिपाठी के भतीजे पंकज को बसपा से प्रत्याशी बनाया गया था। इस कार्रवाई के बाद डॉ. त्रिपाठी के फिर भाजपा में लौटने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं।

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