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गुयाना में 6 माह के लिए संसद निलंबित

गुयाना में भारतीय मूल के राष्ट्रपति डोनाल्ड रामौतार ने छह महीने के लिए संसद निलंबित करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वह जनवरी 2015 में होने वाले आम चुनाव से पहले विपक्ष के साथ व्यर्थ बहस को नजरअंदाज करना चाहते हैं। उन्होंने सोमवार को राष्ट्र को एक संदेश में यह घोषणा की।

रामौतार ने कहा कि कुछ लोग पूछ सकते हैं कि मेरी सरकार बहस न करके इस संवैधानिक राह पर क्यों गई। जवाब है कि टकराव के इस माहौल में व्यावहारिक चुनाव है। क्योंकि अविश्वास प्रस्ताव की बहस, टकराव का ईंधन होगा। सरकारी सूचना एजेंसी के अनुसार, प्राकृतिक संसाधन एवं पर्यावरण मंत्री रॉबर्ट परसौद ने कहा कि राष्ट्रपति बहुत से महत्वपूर्ण मुद्दों को हल करने के प्रयास में 'रीसेट बटन' दबा रहे हैं।

रॉबर्ट ने संसद निलंबित करने का कारण बताते हुए कहा कि संसद का सत्रावसान, सरकार और विपक्ष के बीच एक शांतिपूर्ण माहौल का सूत्रपात करेगा। गुयाना के संविधान की धारा 70 (1) राष्ट्रपति को संसद का सत्रावसान करने का अधिकार देती है। अगर रामौतार पूरे छह महीने के लिए संसद निलंबित रखते हैं, तो 2015 का राष्ट्रीय बजट पास नहीं हो सकेगा।

इसके अलावा, दूरसंचार क्षेत्र के उदारीकरण और विवादस्पद एंटी-मनी लांडरिंग एंड काउंटरिंग ऑफ फायनेंसिंग टेररिज्म संशोधन विधेयक विधेयक सहित अन्य सुधारवादी कदम लटक जाएंगे, लेकिन नेता प्रतिपक्ष डेविड ग्रेगनर ने कहा कि इस बीच सरकार को मतदाताओं को लुभाने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने अविश्वास प्रस्ताव पर बहस को नजरअंदाज करने के लिए अपने अधिकार को कायरता से प्रयोग किया। गुयाना में जनवरी में आम और क्षेत्रीय चुनाव होने हैं। गुयाना की लगभग 8,00,000 की आबादी में से 43 फीसदी से ज्यादा लोग भारतीय मूल के हैं।

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