DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आंगन में दीवार के टुकड़े

इतिहास से जुड़े साल मुझे याद नहीं रहते, सिवाय एक के, 1989। वह साल, जब पूर्व व पश्चिम जर्मनी के बीच दीवार गिरी। जीडीआर (जर्मन डेमोक्रेटिक रिपब्लिक) के रहने वालों के लिए जब सीमा खोली गई, तब मैं छह महीने की थी। मेरी मां टीवी पर यह खबर देख रही थीं और मैं उनकी बाहों में सोई थी। दीवार से पहली बार मेरा सामना रुअर इलाके में एक घर के आंगन में हुआ, जहां मैं बड़ी हुई। दीवार का एक टुकड़ा आंगन में रखा था और वह किसी भी तरह का एहसास नहीं जगा रहा था, सिवाय इस कौतूहल के, कि कुछ लोग बगीचे में फूल लगाने की जगह सीमेंट के पुराने टुकड़े रखना पसंद करते हैं। मैं 16 साल की थी, जब एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत ब्राजील गई। नए स्कूल में सवाल ऐसे थे, ‘क्या अब भी वहां दीवार है? ओरिएंटल अलमान्या (ईस्ट जर्मनी) में जिंदगी कैसी है?’ मुझे पुर्तगाली नहीं आती थी, मैं सोचने लगी कि जर्मनी का ओरिएंट से क्या लेना-देना है।

ये लोग किस दीवार की बात कर रहे हैं? कुछ देर बाद मुझे समझ आया कि ये लोग जीडीआर की बात कर रहे हैं। मैंने उन्हें बताया कि दीवार तो गिर चुकी है। इससे ज्यादा कुछ न कह सकी। कुछ वर्षों बाद मेरी दोस्ती मैक्लेनबर्ग वेस्ट पोमेरेनिया की एक लड़की से हुई। मैंने उसे कहा, ‘अरे, तुम तो तट पर रहती हो।’ उसने कहा, ‘हां, मैं ईस्ट की जो हूं।’ मैं अचंभे में पड़ गई। जर्मनी मेरे लिए हमेशा एक देश रहा है। जब मैं पूर्वी जर्मनी के किसी व्यक्ति से मिलती हूं, तो वह वैसा ही होता है, जैसे बवेरिया या लोवर सेक्सनी के किसी व्यक्ति से मिलना।
डायचे वेले वेब पोर्टल में ग्रेटा हामन

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:आंगन में दीवार के टुकड़े