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थलसेना में करियर: देशभक्ति की कदमताल

थलसेना में करियर: देशभक्ति की कदमताल

भारतीय थलसेना में समय-समय पर भर्ती अभियान चलता रहता है। यह अभियान खुली भर्ती के रूप में व सेलेक्शन बोर्डस के माध्यम से चलाया जाता है। थलसेना में करियर की संभावनाओं पर एक नजर-

सेना, बतौर करियर तो अच्छा क्षेत्र है ही, देश के लिए कुछ करने का सशक्त माध्यम भी है। इतना ही नहीं, इससे आपको अच्छी सेलरी और सुविधाओं के साथ-साथ जो सम्मान और सुकून मिलता है, उसकी किसी से कोई तुलना नहीं की जा सकती। दुनियाभर में इंडियन आर्मी को सम्मान की नजरों से देखा जाता है। युद्ध के अलावा शांति के दिनों में भी सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ बाढ़, भूकंप और तूफान जैसी आपदाओं के दौरान भी आर्मी की मुस्तैदी देखने को मिलती है। इसमें अच्छी सेलरी के साथ दूसरी कई सुविधाएं भी हैं। इस बात में कोई दो राय नहीं हो सकती कि यह युवाओं के लिए एक बढिया करियर ऑप्शन है। 

थलसेना की अनेक शाखाओं में खुली भर्ती के माध्यम से चयन किया जाता है। ये शाखाएं हैं-

थलसेना गैर तकनीकी शाखाएं: इन्फेंटरी आर्म्ड कोर, आर्टिलरी।
तकनीकी शाखाएं: कोर ऑफ इंजीनियर्स, कोर ऑफ इलेक््रिटकल एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स, कोर ऑफ सिगनल्स।
प्रशासनिक एवं सहायक सेवाएं: आर्मी  सर्विस कोर, आर्मी  पोस्टल कोर, आर्मी ऑर्डिनेंस कोर,आर्मी एजुकेशन कोर, रिमाउंट एंड वेटरिनेरि कोर, जज, एडवोकेट, जनरल कोर, कोर ऑफ मिल्रिटी, इंटेलिजेन्स कोर, आर्मी  कैन्टीन सेवा, आर्मी  पायनियर कोर, डिफेन्स सिक्योरिटी कोर।

योग्यता और उम्र
सैनिक-
तकनीकी: 10+2/ इंटरमीडिएट परीक्षा विज्ञान में भौतिकी, रसायन, गणित/ जीव विज्ञान और अंग्रेजी के साथ 50 प्रतिशत अंकों में उत्तीर्ण हों और निश्चित ट्रेड के लिए प्रत्येक विषय में कम से कम 40 प्रतिशत अंक हों। आयु सीमा 17 वर्ष 6 माह से 23 वर्ष के बीच।

सैनिक- ट्रेडमैन सामान्य कार्य/ निर्दिष्ट कार्य: इसके लिए मैट्रिक/आईटीआई के साथ-साथ भाषा का ज्ञान होना चाहिए। कुछ ट्रेड्स के लिए आठवीं पास। आयु सीमा 17 वर्ष 6 माह से 23 वर्ष के बीच।

सैनिक- सामान्य कार्य: सेकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट या मैट्रिक 45 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण तथा आयु सीमा 17 वर्ष 6 माह से 21 वर्ष के बीच।

सैनिक/लिपिक/स्टोर कीपर तकनीकी: 10+2/ इंटरमीडिएट परीक्षा (कला, वाणिज्य, विज्ञान) अंग्रेजी के साथ 50 प्रतिशत अंकों में उत्तीर्ण होनी चाहिए। जिन्होंने मैट्रिक स्तर पर अंग्रेजी और गणित, लेखा-जोखा, खातों का रख-रखाव अनिवार्य विषयों के साथ उत्तीर्ण किया हो और 10+2/ इंटरमीडिएट परीक्षा में औसतन 50 प्रतिशत तथा प्रत्येक विषय में कम से कम 40 प्रतिशत अंक प्राप्त किये हों, सिपाही लिपिक (सामान्य कार्य) के लिए योग्य होंगे। यदि आवेदक ने स्नातक या उच्च शिक्षा प्राप्त की हो तो 10+2/ इंटरमीडिएट में केवल उत्तीर्ण अंक ही पर्याप्त होंगे। कम्प्यूटर टाइपिंग में दक्षता प्राप्त प्रार्थियों  के लिए 20 प्रतिशत बोनस अंकों का प्रावधान है। आयु सीमा 17 वर्ष 6 माह से 23 वर्ष के बीच में होनी चाहिए।

सैनिक- नर्सिग सहायक: 10+2/ इंटरमीडिएट परीक्षा विज्ञान में भौतिकी, रसायन, जीवविज्ञान और अंग्रेजी के साथ 50 प्रतिशत अंकों में उत्तीर्ण हो तथा प्रत्येक विषय में कम से कम 40 प्रतिशत अंक होने चाहिए। आयु सीमा 17 वर्ष 6 माह से 23 वर्ष के बीच।

हवलदार शिक्षा: ग्रुप एक्स-स्नातक एवं बीएड/ स्नातकोत्तर एवं बीएड
ग्रुप वाई- बीएससी/बीए/बीसीए(बिना बीएड) और आयु सीमा 20 से 25 वर्ष के बीच में होनी चाहिए।

सर्वेक्षण स्वचालित: बीए/बीएससी गणित के साथ। इंटरमीडिएट (10+2) गणित और विज्ञान के साथ उत्तीर्ण तथा आयु सीमा 20 से 25 वर्ष के बीच।

जेसीओ(धार्मिक शिक्षक): किसी भी विषय में स्नातक आयु सीमा 27 से 34 वर्ष के बीच में होनी चाहिए।
जेसीओ (खान-पान): 10+2 और किसी भी मान्यताप्राप्त फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट से एक वर्षीय पाक शास्त्र उपाधि प्रमाण-पत्र, आयु 21 से 27 के बीच।

शारीरिक मापदण्ड
सेना पुलिस कोर/ गार्ड ब्रिगेड- कद 173 सेंमी, सीना 77 सेंमी, वजन 50 किलो।
क्लर्क (सामान्य डय़ूटी और कोर) के लिए कद 159 सेंमी, सीना 77 सेंमी, वजन 50 किलो। पश्चिम मैदानी क्षेत्र, पूर्वी मैदानी क्षेत्र के लिए कद 166-167 सेंमी, सीना 77 सेंमी, वजन 50 किलो।
इनके अलावा पूर्वी हिमालयी  क्षेत्र, लद्दाखी, गोरखा (नेपाली और भारतीय आदिवासी) का कद 157 सेंमी, सीना 77 सेंमी, वजन 48 किलो होना चाहिए।

शारीरिक मापदण्ड में छूट
सेवारत सैनिकों या भूतपूर्व सैनिकों के बच्चों के लिए तथा राष्ट्रीय व राज्य स्तर के सर्वोच्च खिलाडियों आदि के लिए कद, छाती व वजन में छूट दी जाती है। जिन आवेदकों की उम्र 18 वर्ष से नीचे है, उनके लिए कद में 1 सेंमी, सीने में1 सेंमी और वजन में 2 किलो छूट का भी प्रावधान है।

शारीरिक योग्यता जांच
1600 मीटर दौड़, जिसके लिए 60 अंक निर्धारित हैं। इस दौड़ को 5 मिनट 40 सेकेंड में पूरा करने पर 60 अंक, 5 मिनट 50 सेकेंड में 48 अंक, 6 मिनट 5 सेकेंड में 36 अंक तथा 6 मिनट 20 सेकेंड में पूरा करने पर 24 अंक दिए जाते हैं।

दस बीम (पुल अप) करने पर 40 अंक, 09 बीम पर 33, 08 बीम पर 27 अंक, 07 बीम पर 21 अंक, तथा 06 बीम पर 16 अंक दिए जाते हैं। इसके अलावा 9 फुट गड्ढा पार करने तथा संतुलन बनाए रखने पर कोई अंक नहीं दिया जाता, लेकिन इसे पास करना आवश्यक होता है।

मेडिकल जांच
शारीरिक मापदंड में फिट होने के बाद डॉंक्टरी जांच की जाती है। जो उम्मीदवार मेडिकल जांच में फिट पाये जाते हैं, उन्हें लिखित परीक्षा में बैठाया जाता है।

पदोन्नति
कुछ शर्तों को पूरा करते हुए सिपाही कमीशंड अधिकारी एनसीओ, जेसीओ बन सकता है।

सम्मान और पुरस्कार
उत्कृष्ट सेवा, वीरता, सहायता पर सम्मान और पुरस्कार जैसे परमवीर चक्र, महावीर चक्र, वीर चक्र प्रदान किए जाते हैं।

भर्ती की तिथियां
भर्ती किस स्थान पर और किन तिथियों में आयोजित की जायेगी, इसकी सूचना शाखा भर्ती कार्यालय तथा अखबारों में दी जाती है। मुख्यत: भर्ती सुबह 7 बजे से शुरू होती है, लेकिन उच्च मुख्यालय द्वारा बदलाव किया जा सकता है।

भर्ती कार्यालय
पूरे देश को 12 भर्ती क्षेत्रों में बांटा गया है और दिल्ली छावनी को स्वतन्त्र रखा गया है। भर्ती कार्यालय नि:शुल्क सेवा करते हैं।

कुछ मुख्य भर्ती कार्यालय
1. क्षेत्रीय भर्ती कार्यालय, दानापुर (बिहार) - भर्ती क्षेत्र मुजफ्फरपुर, गया, दानापुर व रांची ।
2. क्षेत्रीय भर्ती कार्यालय (जयपुर, राजस्थान)- भर्ती क्षेत्र जयपुर, अलवर, जोधपुर, झुंझुनू, कोटा।
3. क्षेत्रीय भर्ती कार्यालय, अम्बाला (हरियाणा, हिमाचल प्रदेश व चंडीगढ़) - भर्ती क्षेत्र अम्बाला, चरखीदादरी, रोहतक, हमीरपुर, हिसार, मंडी, पालमपुर, शिमला।
4. स्वतंत्र भर्ती कार्यालय (दिल्ली कैंट गोपीनाथ बाजार)-भर्ती क्षेत्र दिल्ली तथा हरियाणा के गुडगांव और फरीदाबाद जिले।
5. क्षेत्रीय भर्ती कार्यालय, लखनऊ (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड) - भर्ती क्षेत्र लखनऊ, लेंसडाउन, आगरा, अल्मोड़ा, मेरठ, अमेठी, बरेली, वाराणसी, पिथौरागढ़।
6. क्षेत्रीय भर्ती कार्यालय, माल रोड, जबलपुर (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़)- भर्ती क्षेत्र रायपुर भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, महू।
7. क्षेत्रीय भर्ती कार्यालय, जालंधर  (पंजाब, जम्मू कश्मीर)- भर्ती क्षेत्र अमृतसर, फिरोजपुर, जालंधर, जम्मू और श्रीनगर, लुधियाना, पटियाला।

पर्मानेंट कमीशन से एंट्री
जब आप पर्मानेंट कमीशन का विकल्प चुनते हैं तो इसका अर्थ है कि आप आर्मी में सेवानिवृत्त होने तक देश की सेवा करना चाहते हैं। एनडीए, पुणे व आई एम ए, देहरादून ऐसे दो संस्थान हैं, जहां ट्रेनिंग पूरी करने के बाद आप पर्मानेंट कमीशन पा सकते हैं।

एनडीए
इस परीक्षा में बैठने के लिए आपका 12वीं पास होना आवश्यक है। आप 12वीं कक्षा में पढते हुए भी एनडीए परीक्षा दे सकते हैं। आर्मी विंग के लिए किसी भी विषय में 12वीं पास होना चाहिए, वहीं अन्य फोर्सेज के लिए विज्ञान विषय जरूरी होते हैं। उम्र सीमा 16 वर्ष 6 माह से अधिकतम 19 वर्ष।

परीक्षा का आयोजन
यह परीक्षा साल में दो बार अप्रैल और सितंबर में आयोजित की जाती है। लिखित परीक्षा पास करने के बाद आपको एसएसबी इंटरव्यू के लिए चुना जाता है। यह इंटरव्यू पांच दिन का होता है और इसमें आपकी मेंटल स्ट्रेंथ देखी जाती है। इस इंटरव्यू को पास करने के बाद आपको मेडिकल परीक्षा देनी होती है, जिसमें सफल होते ही आपको एनडीए में दाखिला मिल जाता है।

ट्रेनिंग पीरियड  
खड़गवासला स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी में दाखिला मिलता है। यहां चार साल की ट्रेनिंग दी जाती है। तीनों सर्विसेज के कैडेट्स एकेडमी में तीन साल बिताते हैं और फिर सेना के तीनों अंगों में अलग-अलग एक साल का प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। इसके बाद आर्मी, नेवी या एयर फोर्स में ऑफिसर बनते हैं।

परीक्षा के लिए आवेदन
एनडीए की परीक्षा के लिए आवेदन फॉर्म देश के सभी बड़े डाकघरों में आसानी से मिल जाते हैं। याद रखें कि आवेदन डाक द्वारा ही पहुंचाएं। स्पीड पोस्ट सेवा का इस्तेमाल कर सकते हैं। फॉर्म भेजते समय उसका नंबर नोट कर लें। इससे आपको यूपीएसी वेबसाइट पर फॉर्म संबंधी जानकारी मिल सकेगी। एनडीए परीक्षा की अधिक जानकारी के लिए इंटरनेट पर यूपीएससी की वेबसाइट http://www.upsconline.nic.in देख सकते हैं। ऑनलाइन एप्लिकेशन भरने की भी सुविधा है।

सीडीएसई
अगर आप स्नातक के अंतिम वर्ष में हैं या स्नातक उत्तीर्ण हैं तो प्रवेश परीक्षा सीडीएसई (कम्बाइंड डिफेंस सर्विसेज एग्जामिनेशन) के लिए आवेदन कर सकते हैं। सीडीएसई प्रवेश परीक्षा साल में दो बार (फरवरी व सितंबर में) आयोजित की जाती है। इसमें आवेदन करने के लिए न्यूनतम आयु सीमा 19 और अधिकतम आयु सीमा 24 वर्ष है। सीडीएसई की परीक्षा विश्लेषणात्मक होती है और इसमें उम्मीदवार की रीजनिंग पावर को जांचा-परखा जाता है। बेसिक एग्जामिनेशन क्लियर करने के बाद चयनित उम्मीदवारों को एसएसबी की इंटरव्यू प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ता है। मानसिक व शारीरिक दक्षता के अलावा नेतृत्व क्षमता की भी जांच की जाती है। उम्मीदवारों को विभिन्न प्रकार के साइकोलॉजिकल टेस्ट यानी कि एसआरटी (सिचुएशन रिएक्शन टेस्ट), सेल्फ अप्रेजल टेस्ट व ग्रुप डिस्कशन आदि से भी गुजरना पड़ता है।

टेक्निकल एंट्री
फिजिक्स, केमिस्ट्री व मैथमेटिक्स विषयों के साथ अगर आपने 10+2 की परीक्षा कम से कम 70 फीसदी अंकों के साथ पास की है तो आप टेक्निकल एंट्री के लिए आवेदन कर सकते हैं। अगर आप आवश्यक योग्यता व दक्षता की शर्तों को पूरा करते हैं तो आपको एसएसबी इंटरव्यू के लिए भेजा जा सकता है। इसमें चयनित उम्मीदवारों को आईएमए में एक साल की बेसिक ट्रेनिंग दी जाती है। इसके बाद पुणे स्थित कॉलेज ऑफ मिल्रिटी इंजीनियरिंग, सिकंदराबाद स्थित कॉलेज ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियरिंग या मध्य प्रदेश के महू स्थित मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन में चार साल का डिग्री कोर्स करना पड़ता है।

टेक्निकल ग्रेजुएट कमीशन (टीजीसी)
टेक्निकल ग्रेजुएट उत्तीर्ण व अंतिम वर्ष के वे छात्र भी इस पद के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिनकी उम्र सीमा 20-27 होती है। वहीं 23-27 उम्र के ही स्नातकोत्तर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। आप सीधे एडीजी रिक्रूटमेंट को अपना आवेदन भेज सकते हैं। चयन प्रक्रिया में पास होने के बाद आईएमए देहारादून में एक साल की ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है।

यूनिवर्सिटी एंट्री स्कीम
कमांडिंग स्क्रीनिंग टीम टेक्निकल ग्रेजुएट्स के लिए कैम्पस में ही इंटरव्यू आयोजित करती है। अंतिम वर्ष के इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स के लिए यह एक अच्छा मौका होता है, जहां कुछ चुने हुए छात्रों को एसएसबी इंटरव्यू व मेडिकल चेकअप के लिए बुलाया जाता है। चयन होने पर उन्हें एक साल की ट्रेनिंग दी जाती है।

शॉर्ट सर्विस कमीशन
ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी, चेन्नई: शॉर्ट सर्विस कमीशन में चयन होने के बाद ओटीए, चेन्नई/गया में रिपोर्ट करनी होती है। यहां 49 सप्ताह की ट्रेनिंग दी जाती है। शॉर्ट सर्विस कमीशन के निम्नलिखित विकल्प हैं-
एसएससी(नॉन-टेक्निकल एंट्री) पुरुष/महिला
एसएससी(टेक्निकल एंट्री) पुरुष/महिला
एसएससी(एनसीसी स्पेशल एंट्री) पुरुष/महिला
एसएससी(जेएजी एंट्री) पुरुष/महिला

पर्मानेंट व शॉर्ट सर्विस कमीशन का अंतर
पर्मानेंट या शॉर्ट सर्विस कमीशन्ड ऑफिसर के तौर पर आप आम्र्ड फोर्सेज से जुड़ सकते हैं। पर्मानेंट कमीशन का मतलब यह है कि रिटायरमेंट तक आपका करियर सेना के साथ ही जुड़ा रहेगा, हालांकि 20 साल तक सेवा प्रदान करने के बाद वॉलेंटरी रिटायरमेंट का विकल्प भी खुला रहता है। दूसरी ओर, इस सेवा में जूनियर ऑफिसर की मांगों को शॉर्ट सर्विस कमीशन यानी एसएससी के माध्यम से पूरा किया जाता है। इसके माध्यम से सेना जॉइन करने वालों को 7-10 साल तक काम करने के बाद रेगुलर कमीशन के तौर पर कार्यरत रहने या इस सेवा से अवकाश लेने की स्वतंत्रता होती है। सरकार के पास भी यह अधिकार सुरक्षित होता है कि ऐसे उम्मीदवारों की सेवा आगे बरकरार रखी जाए या उन्हें रिलीज कर दिया जाए।

स्पेशल फोर्सेज 
विभिन्न प्रकार की आपातकालीन परिस्थितियों में उच्च दक्षता प्राप्त व विशेष रूप से प्रशिक्षित कमांडोज को पदस्थापित किया जाता है। इसके तीन अंग हैं-मरीन कमांडो, पैरा कमांडो व एनएसजी यानी कि नेशनल सिक्योरिटी ग्रुप या ब्लैक कैट्स कमांडो। आम्र्ड फोर्सेज के ऑफिसर को ही स्पेशल फोर्स में पदस्थापित किया जाता है। इस सेवा के लिए चयनित ऑफिसर्स में से महज 10 फीसदी को ही प्रशिक्षण के लिए अनुशंसित किया जाता है। इसके बाद शुरू होता है कठोर प्रशिक्षण का दौर। इस दौरान इन्हें हाई-रिस्क ड्यूटी में भी अव्वल प्रदर्शन करने के लायक बना दिया जाता है। अगर आपके दिल में जोश है, उमंग है और देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा है तो इंडियन आर्मी का बेहतरीन करियर आपको मनचाही मंजिल दिलाएगा और फिर देश को होगा आप पर नाज।श्‍

महिलाओं के लिए संभावनाएं
इस क्षेत्र में महिलाएं भी अपनी मजबूत स्थिति बनाने लगी हैं। खासतौर पर, मेडिकल कोर या मिलिट्री नर्सिग सर्विसेज में महिलाओं के लिए  संभावनाएं हैं। सबसे पहले नेवी ने लॉजिस्टिक्स, लॉ व एयर ट्रैफिक कंट्रोल के नॉन-कॉम्बेटेंट कैडर्स में महिलाओं के लिए संभावनाओं के द्वार खोले। इसके बाद से बड़ी संख्या में महिलाओं ने टेक्निकल व फ्लाइंग ऑफिसर के तौर पर अपने योगदान दिए हैं। इन सबके अलावा, आर्मी  सर्विस कोर, ऑर्डिनेंस कोर, एजुकेशन कोर, जेएजी, सिग्नल्स व आर्मी इंटेलिजेंस आदि में महिलाओं ने अपनी खास जगह बनाई है। एयर फोर्स में महिलाओं को केवल शॉर्ट सर्विस कमीशन के तौर पर ही नियुक्ति मिलती है।

एक्सपर्ट व्यू
अच्छा वेतन और सुविधाएं हैं थल सेना में

आज भारतीय थल सेना दुनिया की सबसे बड़ी सेनाओं में से एक है। सेना को अत्याधुनिक बनाने के लिए बजट का एक बड़ा हिस्सा खर्च किया जाता है। देश की भीतरी व बाहरी चुनौतियों से निपटने के लिए सेना अहम भूमिका निभा रही है। देश भर में समय-समय पर सेनाओं में अवसरों के बारे में विज्ञापन दिए जाते हैं।

साहसी, सकारात्मक सोच वाले युवाओं के लिए यह क्षेत्र बांहें पसारे खड़ा है। सरकार द्वारा भी पेशे के जोखिमों के मद्देनजर अच्छा वेतन और बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। थल सेना में अधिकारी रैंक की भर्ती के लिए यूपीएससी, एसएसबी आदि की ओर से चयन प्रक्रिया आयोजित की जाती है। कॉलेजों में सक्रिय एनसीसी के जरिए भी युवाओं को इसमें आने का मौका मिलता है। उन्हें यूपीएससी की परीक्षा में बैठने से छूट मिलती है। वे सीधे एसएसबी की ओर से आयोजित साक्षात्कार में शामिल होकर सेना में भर्ती होते हैं। अधिकारी के रूप में उन्हें काम करने का मौका मिलता है। इसमें न सिर्फ लगातार आगे बढ़ने के अच्छे मौके मिलते हैं, बल्कि देश सेवा का जज्बा भी इससे जुड़ा रहता है।
सुखदेव प्रसाद नौटियाल
सूबेदार मेजर/ओ./लेफ्टिनेंट (रि.)

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