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स्कूल में बच्चों को क्या पढ़ाया, घर पर जान पाएंगे अभिभावक

स्कूल में बच्चों को क्या पढ़ाया, घर पर जान पाएंगे अभिभावक

राजधानी के एक स्कूल में रियल टाइम एजुकेशन उपलब्ध कराने के लिए एक खास मोबाइल एप्लीकेश की मदद ली जा रही है। इसके तहत कक्षा में शिक्षक की ओर से क्लास में ब्लैक बोर्ड पर पढ़ाई गई सामग्री चित्रों के माध्यम से छात्र के अभिभावकों तक पहुंचा दी जाती है। साथ ही शिक्षक की ओर से दिया गया होमवर्क और वर्कशीट की प्रति भी अभिभावक के फोन पर उसी दिन पहुंच जाती है।

दक्षिणी दिल्ली स्थित कार्मल कॉनवेंट स्कूल में इस तरह का प्रयोग शुरू किया है। स्कूल में गणित विषय की शिक्षक ने प्राथमिक तौर पर यह प्रयोग शुरू किया है। अभिभावकों से प्राप्त प्रतिक्रिया के बाद अन्य विषयों के शिक्षकों ने भी इस एप का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। इस एप का पहली बार इस्तेमाल करने वाली शिक्षिका गरिमा ने बताया कि इस तरह के मोबाइल एप का इस्तेमाल पश्चिमी देशों में स्कूलों में बड़े पैमाने पर किया जाता है।

यह एप ‘स्नैप होमवर्क’ नाम से एंड्रायड और कई अन्य मोबाइल स्टोर्स पर मुफ्त उपलब्ध है। इसके जरिए ईमेल, फेसबुक, ट्विटर आदि के माध्यम से जुड़ा जा सकता है। इसको प्रयोग करना शिक्षकों और अभिभावकों दोनों के लिए काफी सरल है। अभिभावकों को आए दिन शिकायत रहती है कि जानकारी न होने की वजह से वे बच्चों को होमवर्क या स्कूल में दी गई वर्कशीट पर काम नहीं करा पाते। इस एप के जरिए छात्रों को होमवर्क, वर्कशीट, व अभिभावकों को संदेश भेजना बेहद आसान है। स्कूल में फिलहाल कक्षा 06 से 12 तक के बच्चों को इसकी मदद से पढ़ाया जा रहा है। जल्द ही प्राथमिक कक्षाओं में भी इसका प्रयोग शुरू किया जाएगा।
 
डीपीएस आरके पुरम के प्रधानाचार्य आरके सैनी ने बताया कि स्कूलों में शिक्षा को और सरल तरीके से उपलब्ध कराने में तकनीक की अहम भूमिका होगी। तकनीक के माध्यम से बच्चों को पढ़ाने व उन्हें प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने के लिए डीपीएस आरके पुरम भी इस दिशा में काम कर रहा है। ई-लर्निंग और ऑनलाइन प्रतियोगिताओं आयोजित का काम स्कूल की ओर से शुरू किया जा चुका है। जरूरत के अनुसार हम अन्य तकनीकों का भी प्रयोग करेंगे।  

कैसे करें डाउनलोड

यह मोबाइल एंड्रायड 4.1 और इससे ऊपर के वर्जन पर चलती है। अन्य सभी मोबाइल प्लेटफॉर्म पर भी चलता है। इसे गूगल प्ले से स्नैप होमवर्क नाम से मुफ्त डाउनलोड किया जा सकता है। इसका साइज 5.5 एमबी है।


ये हैं इस एप के फायदे
बच्चा स्कूल नहीं जा सका तो उस दिन स्कूल में क्या पढ़ाया गया यह उसे उसी दिन घर पर ही पता लग जाएगा
बच्चा होमवर्क करना भूल भी जाए तो अभिभावक उसे याद दिलाने या होमवर्क पूरा कराने का काम कर सकते हैं
एक शिक्षक एक बार में कोई भी सूचना अपनी कक्षा के सभी छात्रों के अभिभावकों तक पहुंचा सकती है
ऑनलाइन वर्कशीट व अन्य सामग्री मिलने से अभिभावक व छात्र इसे कभी भी देख सकेंगे

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