DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बिहार में भाजपा ने उपचुनाव की हार से सबक लिया

बिहार में भाजपा ने उपचुनाव की हार से सबक लिया

मोदी सरकार के कैबिनेट विस्तार से साफ है कि बिहार की दस सीटों के उपचुनाव में छह पर पराजय से भाजपा ने सबक लिया है। यादव, राजपूत और भूमिहार नेता को मंत्री बनाकर जदयू के महागठबंधन के बहाने राज्य में ध्रुवीकरण के हो रहे प्रयासों को कुंद करने की कोशिश की गई है।

उप चुनाव में दस में छह सीटें भाजपा हार गई थी। बांका में उसे बहुत कम वोटों से सफलता मिली थी। नरकटियागंज में जीत की राह प्रदेश कांग्रेस की जिद ने आसान की थी। वहां जदयू ने उम्मीदवार तक की घोषणा कर दी थी। लेकिन कांग्रेस अड़ गई और यह सीट कांग्रेस के खाते में चली गई और जदयू की घोषित उम्मीदवार रश्मि वर्मा को भाजपा ने अपना लिया और वह जीत गईं। छपरा, भागलपुर और परबत्ता सीट पर एनडीए की हार को एनडीए के लिए बड़ा झटका माना गया था। इन सीटों पर लोकसभा चुनाव में एनडीए को भारी बढ़त मिली थी। इसके पीछे सवर्ण जातियों की नाराजगी को भी माना गया। छपरा में राजपूत जाति से आने वाले भाजपा के दो कद्दावर नेता राजीव प्रताप रूडी और जनार्दन सिग्रीवाल होते हुए भी महागठबंधन की जीत हुई। जबकि यह सीट राजपूत बहुल है। इसी तरह परबत्ता भूमिहार और भागलपुर ब्राह्मण बहुल माना जाता है। परबत्ता में जदयू की रिकार्ड मतों से तो भागलपुर सीट पर कांग्रेस को 24 साल बाद जीत मिली थी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:बिहार में भाजपा ने उपचुनाव की हार से सबक लिया