DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

धवन शतक से चूके, भारत ने जीती सीरीज

धवन शतक से चूके, भारत ने जीती सीरीज

शिखर धवन केवल नौ रन से शतक से चूक गये लेकिन उनकी बड़ी अर्धशतकीय पारी और इससे पहले उमेश यादव की अगुवाई में गेंदबाजों का बेहतर प्रदर्शन से भारत ने रविवार को तीसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में श्रीलंका को छह विकेट से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 3-0 से अजेय बढ़त बनायी।

भारत की तरफ से नई गेंद थामने वाले यादव ने 53 रन देकर चार विकेट लिये जबकि बायें हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल (40 रन देकर तीन विकेट) ने उनका अच्छा साथ दिया। इससे बल्लेबाजी का फैसला करने वाला श्रीलंका अनुभवी माहेला जयवर्धने की 118 रन की शानदार पारी और तिलकरत्ने दिलशान (53) के साथ उनकी तीसरे विकेट के लिये 105 रन की साझेदारी के बावजूद 48.2 ओवर में 242 रन पर आउट हो गया।

पिछले दो मैचों में 113 और 79 रन बनाने वाले धवन ने फिर 91 रन की पारी खेली। उन्होंने इस बीच अंजिक्य रहाणे (31), अंबाती रायुडु (35) और कप्तान विराट कोहली (53) के साथ पहले तीन विकेट के लिये क्रमश: 62, 69 और 70 रन की तीन अर्धशतकीय साझेदारियां की जिससे भारत ने 44.1 ओवर में चार विकेट पर 245 रन बनाकर लक्ष्य हासिल किया।

भारत ने कटक में खेला गया पहला मैच 169 और अहमदाबाद में खेला गया दूसरा मैच छह विकेट से जीता था। श्रीलंका अब तक भारतीय सरजमीं पर किसी भी प्रारूप में सीरीज नहीं जीत पाया है। धवन और रहाणे ने फिर भारत को अच्छी शुरुआत दिलायी। इन दोनों ने शुरू से गेंदबाजों पर हावी होने की रणनीति अपनायी और लगभग प्रत्येक ओवर में गेंद को सीमा रेखा के दर्शन कराये। रहाणे हालांकि अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल पाये। उन्होंने तिसारा परेरा की गेंद पर कट करने के प्रयास में स्लिप में जयवर्धने को कैच थमाया।

कोहली ने फिर से रायुडु को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिये भेजा। पिछले मैच में शतक जड़ने वाले इस बल्लेबाज ने आज भी अच्छी शुरुआत की। हालांकि उन्होंने भी रहाणे का विकेट गिरने के बाद धवन की तरह कुछ सतर्कता बरती। धवन ने चतुरंगा डिसिल्वा पर पारी का पहला छक्का लगाया और फिर अगली गेंद पर एक रन लेकर अपना 11वां अर्धशतक पूरा किया।

जब लग रहा था कि रायुडु अच्छी तरह से जम चुके हैं तब धवन के साथ गफलत के कारण वह रन आउट हो गये। कोहली ने आते ही हावी होने की कोशिश की और फिर रन बनाने का मुख्य जिम्मा उन्होंने ही संभाला। उन्होंने सीकुगे प्रसन्ना की गेंद पर छक्का भी लगाया।

धवन वनडे क्रिकेट में 2000 रन पूरे करने के बाद तेजी से शतक की तरफ बढ़ रहे थे। वह नुवान कुलशेखरा की गेंद पर चौका लगाकर 90 रन तक पहुंचे लेकिन इसी ओवर की आखिरी गेंद पर वह आउट हो गये। रीप्ले से हालांकि लग रहा था कि कुलशेखरा का बाउंसर उनके बल्ले नहीं बल्कि हेलमेट से लगकर विकेटकीपर कुमार संगकारा के पास पहुंचा था। धवन ने 79 गेंद खेली तथा आठ चौके और एक छक्का लगाया।

कोहली ने 50 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया जिससे वह सबसे कम मैचों में 6000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाज भी बने। वह टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाने के बाद पवेलियन लौटे। उन्होंने 61 गेंद की पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। सुरेश रैना 18 और रिद्धिमान साहा छह रन बनाकर नाबाद रहे।

इससे पहले यादव ने पारी के पहले ओवर की आखिरी गेंद पर सलामी बल्लेबाज कुसाल परेरा (चार) को विकेट के पीछे कैच कराकर भारत को शानदार शुरुआत दिलायी। मध्यम गति का यह गेंदबाज जल्द ही हैट्रिक लेने की स्थिति में पहुंच गया था लेकिन जयवर्धने ने इसे रोक दिया। यादव ने अपने दूसरे ओवर की पहली गेंद पर संगकारा (शून्य) को आउट करके श्रीलंका का स्कोर दो विकेट पर सात रन कर दिया।

जयवर्धने और दिलशान ने सतर्कता से बल्लेबाजी करते हुए पारी को पटरी पर लेकर आये। दिलशान ने रविचंद्रन अश्विन पर चौका लगाकर अपना 39वां अर्धशतक पूरा किया। कोहली का अश्विन की जगह रायुडु (16 रन देकर एक विकेट) को गेंद सौंपने का फैसला सही साबित हुआ। इस कामचलाउ गेंदबाज ने दिलशान को एक्स्ट्रा कवर पर रहाणे के हाथों कैच कराया।

श्रीलंका का 31वें ओवर से पॉवरप्ले लेने का फैसला गलत साबित हुआ। इस बीच उसने केवल 16 रन बनाये और तीन विकेट गंवाये। कप्तान एंजेलो मैथ्यूज (10) ने पटेल की गेंद पर मिडऑफ पर कैच थमाया। बायें हाथ के स्पिनर पटेल ने फिर से 33वें ओवर में अशान प्रियरंजन (2) को मिड ऑन पर कैच देने के लिये मजबूर किया। गुजरात के इस युवा स्पिनर ने कप्तान के भरोसे पर खरा उतरते हुए डि सिल्वा (2) को भी पवेलियन भेजा।

विकेट गिरने का क्रम आगे भी जारी रहा। यादव ने अपने अगले स्पेल में परेरा (1) को एक्स्ट्रा कवर पर कैच कराया। दूसरी तरफ जयवर्धने ने एक छोर संभाले रखा। इस बीच उन्होंने वनडे में 12 हजार रन पूरे किये। इस पूर्व कप्तान ने 40वें ओवर में पटेल पर छक्का जड़कर 109 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया।

उन्हें आखिर में नौवें नंबर के बल्लेबाज प्रसन्ना (29) के रूप में अच्छा सहयोगी मिला। इन दोनों ने आठवें विकेट के लिये 67 रन की साझेरी की जिससे सात विकेट पर 158 रन से टीम कुछ सम्मानजनक स्कोर तक पहुंच पायी। अश्विन ने आखिर में जयवर्धने को स्टंप आउट कराया जिन्होंने 124 गेंद की अपनी पारी में 12 चौके और एक छक्का लगाया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:धवन शतक से चूके, भारत ने जीती सीरीज