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शिवसेना के किसी अल्टीमेटम को नहीं मानेगी भाजपा

शिवसेना के किसी अल्टीमेटम को नहीं मानेगी भाजपा

मोदी सरकार के विस्तार के बाद भाजपा व शिवसेना सरकार के रिश्ते और तल्ख हो गए हैं। शिवसेना ने केंद्र सरकार में शामिल होने वाले अपने सांसद अनिल देसाई को दिल्ली हवाई अड्डे से ही वापस बुला लिया। शाम को हुई बैठक के बाद शिवसेना ने भाजपा से केंद्र सरकार में शामिल होने से पहले महाराष्ट्र सरकार में शिवसेना की हिस्सेदारी पर फैसला लेने को कहा है। दूसरी तरफ भाजपा नेतृत्व ने साफ संकेत दिए हैं कि शिवसेना की किसी शर्त को नहीं माना जाएगा, वह चाहे तो केंद्र सरकार से हट सकती है।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से ही दोनों दलों के रिश्तों में आई दरार अब खाई में बदल गई है। सुरेश प्रभु को भाजपा में शामिल कर कैबिनेट मंत्री बनाने व शिवसेना कोटे से मंत्री बनाए जाने वाले अनिल देसाई को केवल राज्यमंत्री की पेशकश ने आग में घी का काम किया है। भाजपा जहां शिवसेना की किसी शर्त को मानने को तैयार नहीं है, वहीं शिवसेना भाजपा के साथ रहने का सम्मानजनक रास्ता नहीं खोज पा रही है। उसका अड़ियल रवैया बार बार बाधा बन रहा है।

भाजपा सूत्रों के अनुसार वह महाराष्ट्र में अपनी सरकार को लेकर कतई चिंतित नहीं है। अगर शिवसेना समर्थन नहीं भी देती है तो भी वह अल्पमत सरकार को लेकर आश्वस्त है। राकांपा पहले ही कह चुकी है कि वह भाजपा सरकार को गिरने नहीं देगी।

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