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बेरोजगारी बड़ी समस्या

युवा शक्ति किसी भी देश के विकास की रीढ़ होती है। हमारे देश में वही शक्ति हताश, निराश व अपने भविष्य को लेकर अवसाद ग्रस्त है। शिक्षित हो अथवा अशिक्षित, प्रत्येक युवा आज रोजगार को लेकर चिंतित है। देश के वास्तविक विकास के लिए औद्योगीकरण को बढ़ावा देकर युवा वर्ग के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना आज की जरूरत है। युवा ऊर्जा को संरचनात्मक कार्यों में लगाकर भावी पीढ़ी के लिए न केवल मजबूत आधार तैयार किया जा सकता है, बल्कि देश के विकासशील वातावरण को विकसित लक्ष्य तक पहुंचाया जा सकता है। जिस देश का युवा सशक्त होगा, वह देश स्वत: सशक्त एवं सामथ्र्यवान होगा। अत: प्राथमिकता के तौर पर युवा वर्ग को रोजगार देने के लिए सार्थक कदम उठाए जाने जरूरी हैं।
विकास मिश्र, खुटार, शाहजहांपुर

विकल्प जरूरी है
तीसरे मोर्चे के कुछ नेताओं ने पिछले दिनों मुलायम सिंह यादव के सरकारी बंगले पर बैठक करके देश के राजनीतिक हालात पर मंत्रणा की। इसमें कोई बुराई नहीं, बल्कि लोकतंत्र के लिए सुखद बात है। विकल्पहीनता की स्थिति कहीं त्रासद होती है और यह हम कई सूबों में देख चुके हैं, देख रहे हैं, जहां की सरकारें तमाम भ्रष्टाचारों व तानाशाही के बगैर सत्ता में काबिज हैं। इसलिए लोकतंत्र की सेहत के लिए विपक्षी विकल्प बहुत जरूरी है। लेकिन तीसरे मोर्चे के नेताओं को यह समझना होगा कि युवा भारत अब युवा सोच की राजनीति चाहती है। इसलिए विकल्प गढम्ते समय उन्हें यह खयाल रखना होगा कि नेतृत्व भरोसे का और बेदाग हो।
विवेकानंद सिंह
झिलमिल कॉलोनी, दिल्ली

चुनाव सुधार किए जाएं
भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है, इस लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने के लिए जनता को अधिकार देने संबंधी कुछ और सख्त कदम अपनाने की जरूरत है। मसलन, देश के मतदाताओं को ‘राइट टु रिकॉल’ तथा सशक्त ‘नोटा’ जैसे विकल्प देने की आवश्यकता है। नोटा का विकल्प तो इस समय भी है, पर इसे निर्णायक बनाने की आवश्यकता है। झारखंड की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह भी जरूरी है कि मतों की गणना करते समय बूथ अनुसार गिनती न की जाए, क्योंकि बूथ अनुसार गिनती करने पर और किसी विशेष दल को कम मत मिलने की स्थिति में उक्त बूथ के लोगों को बाहुबलियों से भय लगा रहता है। यदि ऐसा न हो, तो संभव है कि जनता अपनी इच्छा के अनुसार योग्य उम्मीदवारों का चुनाव करने में सक्षम हो सके। इन सबसे भी बढम्कर जनता के प्रतिनिधियों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक निर्धारित करने की आवश्यकता है। इस संबंध में गंभीर बहस करने की आवश्यकता है। एक चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी की नियुक्ति के लिए जब उन्हें कई परीक्षाओं से गुजरना पडम्ता है, फिर हमारे नेता तो देश को चलाते हैं। क्या वर्तमान परिस्थिति को बदलने की आवश्यकता नहीं है? कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि देश की जनतांत्रिक व्यवस्था मंम अभी और सुधार करने की आवश्यकता है।
सकलदेव सिंह, तोरपा, खूंटी

तर्कसंगत हों योजनाएं
मेरा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से निवेदन है कि भगवान के लिए मॉडल स्कूल मत खोलिए। जनता की मेहनत के रुपये भ्रष्टाचार की भेंट मत चढ़ाए। मॉडल स्कूल खोलने की बजाय कक्षा पांच तक की पढ़ाई के लिए खोले गए नि:शुल्क स्कूलों की व्यवस्था में सुधार कीजिए। इन स्कूलों में बिजली जैसी मूलभूत सुविधा नहीं है। मेरी समझ में नहीं आया कि बच्चे जुलाई-अगस्त की उमस भरी गरमी में बिना पंखे के और दिसंबर-जनवरी के कोहरे वाले दिनों में कैसे पढम् पाते होंगे? मैंने इस बारे में जब शिक्षा अधिकारियों से बात की, तो उन्होंने बताया कि बिजली के लिए फंड नहीं है हमारे पास। यह कितना हास्यास्पद है कि सरकार के पास लैपटॉप बांटने के लिए पैसे हैं, लेकिन गरीबों के इन स्कूलों में बिजली के लिए नहीं।
हितेश छाबड़ा
अलीगढ़, उत्तर प्रदेश

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