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साध्वी निरंजन ज्योति से लोगों को काफी उम्मीदें

फतेहपुर को प्रधानमंत्री के रूप में विश्वनाथ प्रताप सिंह और राज्यमंत्री के रूप में हरिकृष्ण शास्त्री भी मिले लेकिन फतेहपुर का विकास उस तरह नहीं हो पाया जैसी लोगों को उम्मीद थी। अब 24 साल बाद फिर ऐसा मौका आया है जब किसी फतेहपुर के सांसद को मंत्री बनने का मौका मिला है। सांसद साध्वी निरंजन ज्योति को केन्द्रीय राज्यमंत्री बनाया गया है। अब फतेहपुर के लोगों को फिर विकास की उम्मीद जगी है।

1984 में हुए 8वीं लोकसभा चुनाव में फतेहपुर से सांसद चुने गए कांग्रेसी नेता हरिकृष्ण शास्त्री  को राज्य मंत्री (एमओएस) बनाया गया। उन्होंने पांच साल तक भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की कमान संभाली। फतेहपुर की जनता के लिए यह पहला मौका था जब किसी नेता को इतना बड़ा पद दिया गया था। दूसरा ऐतिहासिक मौका तब आया। जबकि नौंवी लोकसभा के चुनाव यानी 1989 में विश्वनाथ प्रताप सिंह को सांसद चुना गया और वह भारत के प्रधानमंत्री चुने गए। उनका कार्यकाल तकरीबन 343 दिन का रहा। फतेहपुरियो के सामने 24 साल बाद ऐसा ही एक पल आया है। जब सांसद साध्वी निरंजन ज्योति को राज्य मंत्री बनाया गया है।

वीपी सिंह ने अपने कार्यकाल में फतेहपुर के लिए जरौली पंप कैनाल की सौगात दी। इसके साथ ही उन्होंने करीब 21 परियोजनाएं दोआबा की झाेली में डाली मगर, कार्यकाल खत्म होने के कारण वह लागू नहीं हो सकी। इसी क्रम में हरिकृष्ण शास्त्री ने फतेहपुर के कुछ इलाकों को औद्योगिक क्षेत्र बनाने में सफलता हासिल की। मलवां, चौडगरा, औंग में उन्होंने बेहतर कार्य किए बावजूद इसके फतेहपुर को वह मुकाम हासिल नहीं हो सका, जो यहां के लोग इन राजनेताओं से चाहते थे। साध्वी निरंजन ज्योति के राज्य मंत्री बनने की खबर पर जहां खुशी छाई हुई है। वहीं उनके सामने अब और भी बड़ी चुनौती आ गई है। रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, परिवहन जैसे कई मुद्दे हैं। जिन्हें लेकर यहां की जनता उनके सामने खड़ी है। भाजपाइयों के साथ ही फतेहपुर के लोगों में सांसद को राज्य मंत्री बनाने से खुशी की लहर है। बता दें कि फतेहपुर के राजनीतिक इतिहास में यह पहला मौका है जबकि यहां की पहली महिला सांसद को राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया हो।

इनसेट..
साध्वी निरंजन ज्योति की प्रोफाइल : -
नाम :-------------साध्वी निरंजन ज्योति
अभिभावक/गुरू :----अच्युतानंद
आयु :-------------47 वर्ष
काम :------------धर्म प्रचार
शिक्षा :------------इंटरमीडिएट
निवास :----------जेल तालाब, रमेडी, हमीरपुर
मुकदमा :---------कोतवाली में मारपीट की एनसीआर
चल संपत्ति :------नकद करीब पांच लाख रुपए, कुछ खाते, पॉलिसी, स्कार्पियों गाड़ी, 25 ग्राम सोना।
अचल संपत्ति :------बरदहा, कृपालपुर कानपुर दाहेज में जमीन कुल मिलाकर नौ लाख रुपए कीमत।
कर्ज :---------स्टेट बैंक ऑफ इंडिया मूसानगर कानपुर से एक लाख 76 हजार 616 रुपए का वाहन ऋण लिया।

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