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डीरेका कैंटीन की व्यवस्थाओं की तारीफ, स्टाफ को शाबासी

1963 से बनारस में हूं और 66 से डीरेका में काम कर रहा हूं। रिटायर होने के बाद भी यहीं सेवा में लगा हूं मगर आज 49 साल बाद सेवा का पुरस्कार मिला। ये कहना है डीरेका अधिकारी क्लब कैंटीन के प्रभारी प्रदीप कुमार मलहोत्र का। दो दिनों की सेवाओं से खुश प्रधानमंत्री ने न सिर्फ पूरे स्टाफ का शाबासी दी बल्कि प्रदीप को गले से लगा लिया। हर मिलने-जुलने वाले को इस बारे में बताते प्रदीप की खुशी देखते ही बनती थी।


2005 में डीरेका से रिटायरमेंट के बाद यहां कैंटीन का काम देख रहे 69 वर्षीय प्रदीप कुमार मलहोत्र ने बताया कि पीएम को उन्होंने शुक्रवार को दिन और रात के भोजन के अलावा शनिवार की सुबह का नाश्ता कराया। प्रदीप ने बताया कि पीएम ने भोजन में भी सादगी को तरजीह दी और व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद भी दिनचर्या बेहद नियमित रखी। प्रदीप ने बताया कि चाय, नाश्ता या खाना लेकर सुइट में हर बार जाने पर मोदी मुस्कुराते और इशारे से उसके रखने को कहते। शुक्रवा की दोपहर लंच में उन्होंने मटर पनीर की सब्जी और मिक्स वेजीटेबल, सादा और केसरिया दही, चपाती और दाल-चावल खाई। डिनर में उन्हें गुजराती खिचड़ी, दही-पापड़, चावल-दाल और दो तरह की सब्जियां परोसी गईं। शनिवार की सुबह नाश्ते में चूड़ा-मटर, उपमा, ब्रेड-मक्खन और कटलेट थे, उन्होंने सबकुछ थोड़ा-थोड़ा चखा।
गदगद होकर प्रदीप बताते हैं कि उनके निकलते वक्त कैंटीन का सारा स्टाफ लाइन में खड़ा था। हाथ जोड़कर अभिवादन के बाद प्रदीप पांव छूने को झुके तो मोदी ने हाथ पकड़ कर रोका और खींचकर गले लगा लिया। प्रदीप भावुक हो गए जब मोदी ने उनके गृहनगर अजमेर के बारे में पूछा और ‘फिर आउंगा’ कहकर चले गए। प्रदीप बताते हैं कि यूं तो तमाम राजनेताओं की अगवानी की है मगर मोदी का अंदाज अलग है।

चाय दोहराई, रसमलाई आधी खाई

पीएम मोदी के ऊर्जावान व्यक्तित्व का राज उनकी खानपान की आदतों में भी छिपा है। डीरेका अतिथि गृह में प्रवास के दौरान उन्होंने सादा भोजन ही खाया। कैंटीन प्रभारी प्रदीप बताते हैं कि मीठे से वे दूर रहे मगर शनिवार की सुबह पेश की गई अदरक और इलायची वाली चाय इस कदर पसंद आई कि दो कप पिये और नाश्ते के साथ दूध आया तो उसे मना कर चाय लाने को कहा। शुक्रवार की रात खाने के बाद रसमलाई खाने से उन्होंने इनकार कर दिया। स्टाफ ने दोबारा कहा तो आधी रसमलाई मांगी और स्वाद लेकर उसे खाया।

अतिविशिष्ट हुआ ‘विशिष्ट कक्ष’

डीरेका अतिथि गृह का विशिष्ट कक्ष प्रधानमंत्री के रात्रि विश्रम के बाद अतिविशिष्ट हो गया। तीन कमरे, बाथरूम और पैन्ट्री वाला यह कक्ष अतिथि गृह के बीच में होने के कारण सुरक्षा कारणों से भी विशिष्ट मेहमानों के लिए मुफीद है। सूत्रों की मानें तो शुक्रवार की रात इस कक्ष के चारों तरफ पहरा रहा। सुरक्षा के चलते ही कक्ष की पैन्ट्री में गैस सिलेंडर की जगह सिर्फ खाना गर्म करने के लिए माइक्रोवेव रखा गया था।

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