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मोबाइल एप को बसों में लगे जीपीएस सिस्टम से जोड़ा जाएगा

सिटी बसों में यात्रा करने वाले लोगों को अब रूट, बसों के टाइम और देरी से पहुंचने वाली बसों की सूचना न मिलने को लेकर परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। हर सिटी बस की पूरी रिपोर्ट आप अपने मोबाइल पर ही एप के जरिए जान सकेंगे। यह एप आपको यह भी बताएगा कि फिलहाल बस कहां पर है और कितनी देर में आपके स्टॉप तक पहुंचेगी। यह सब संभव होगा बसों में लगे जीपीएस सिस्टम के जरिए। विभाग मोबाइल एप को बसों को जीपीएस से जोड़ेगा। उसी के जरिए बसों की लाइव लोकेशन ट्रेस की जा सकेगी। रोडवेज विभाग ने एप पर काम करना शुरू कर दिया है। इसे जनवरी माह में लांच करने की तैयारी है।


सिटी बसों तक साइबर सिटी के लोगों के पहुंच अब ज्यादा आसान हो जाएगी। उन्हें बसों के रूट, समय और किराये की जानकारी के लिए कहीं पर फोन करके जानकारी लेने की जरुरत नहीं पड़ेगी। साथ ही बसों को लाइव ट्रेस करने की सुविधा उपलब्ध कराने वाला गुड़गांव देश का पहला शहर बन जाएगा। इस एप के लांच होने के बाद सिटी बसों में यात्राियों की संख्या बढ़ने की भी उम्मीद है। फिलहाल शहर में 15 रूट पर चल रही 90 सिटी बसों में करीबन एक लाख यात्राी प्रति दिन सफर करते हैं।

यह परेशानी होगी दूर
बहुत लोगों को यह जानकारी ही नहीं है कि सिटी बसें किस रूट पर चलती हैं और किस रूट पर उपलब्ध नहीं है। जिसके कारण यात्राियों को खामियाजा भी भुगतना पड़ता है। यात्राी कई बार बसों का इंतजार करते रहते हैं, लेकिन बाद में पता चलता है कि इस रूट पर तो सिटी बस आती ही नहीं है। जिन रूट पर बसें चल रही हैं वहां भी कई बार यात्राियों को काफी देर तक बसों का इंतजार करना पड़ता है। अपने निर्धारित समय में बसें स्टॉप तक नहीं पहुंच पाती। अब एप के जरिए यात्राियों को यह जानकारी मिलेगी बस कितनी देर में पहुंचेगी।

स्टॉप पर घड़ी लगाने की भी योजना
रोडवेज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर मोबाइल एप की योजना कामयाब रहती है तो सभी बस स्टॉप पर डिजिटल घड़ी लगाई जाएगी। जिसे जीपीएस से जोड़ा जाएगा। यह घड़ी स्टॉप पर बस का निर्धारित समय और पहुंचने की देरी का समय दर्शाएगी। अगर कहीं पर बस ट्रैफिक जाम में फंसती तो घड़ी में ऑटोमेटिक बस के स्टॉप पर पहुंचने का समय बढ़ जाएगा।


मोबाइल एप सिटी बसों की सुविधा ज्यादा लोगों तक पहुंचाना में सहायक होगा। हमारी पूरी कोशिश है कि इस सर्विस हर तरह से कामयाब और शहर की लाइफ लाइन बनाया जाए। एप पर काम शुरू हो गया है। जनवरी माह में इसे लांच किया जाएगा।
रोहित यादव, जीएम, रोडवेज डिपो गुड़गांव

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